देहरादून में सियासी पारा चढ़ा, BJP के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने भी किया जवाबी प्रदर्शन

देहरादून: राजधानी देहरादून में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आया। दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड में भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया था। हालांकि पुलिस की रणनीति के चलते भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया, जिससे संभावित टकराव टल गया।
कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़े भाजपा कार्यकर्ता, पुलिस ने लगाया बैरिकेड
भाजपा कार्यकर्ता निर्धारित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस मुख्यालय की ओर कूच कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय से करीब 200 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नहीं बल्कि कांग्रेस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और कुछ समय तक धरना-प्रदर्शन किया। करीब 15 से 20 मिनट तक चले इस प्रदर्शन में लगभग 100 से 150 भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कर दिया गया।
कांग्रेस ने भी किया जवाबी प्रदर्शन
भाजपा के घेराव कार्यक्रम की घोषणा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए। कांग्रेस मुख्यालय से निकलकर कार्यकर्ता एस्ले चौक पहुंचे और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ताओं के हाथों में अंडे भी दिखाई दिए, जिन्हें लेकर राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया। हालांकि पुलिस ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को आमने-सामने आने से पहले ही अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हुई।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
संभावित विवाद को देखते हुए पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मोर्चा संभाला और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी। बैरिकेडिंग और यातायात डायवर्जन के कारण कुछ समय के लिए क्षेत्र में जाम की स्थिति भी बनी रही।
एम्बुलेंस भी जाम में फंसी
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और कुछ देर के लिए एक एम्बुलेंस भी जाम में फंस गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रास्ता खाली कराया और एम्बुलेंस को सुरक्षित आगे रवाना किया।
उत्तराखंड की राजनीति में बढ़ी गर्माहट
भाजपा और कांग्रेस के बीच लगातार बढ़ते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह प्रदर्शन आगामी राजनीतिक गतिविधियों का संकेत माना जा रहा है। दोनों दल अपने-अपने मुद्दों को लेकर जनता के बीच सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, जिससे प्रदेश का राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।




