पहाड़ों में बारिश बनी मुसीबत! कई मार्ग बाधित, यात्रियों और वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। केदारघाटी से लेकर देहरादून-मसूरी मार्ग और चमोली जिले के ग्रामीण इलाकों तक कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। बारिश के चलते यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया
मंगलवार रात हुई बारिश के बाद केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड से करीब एक किलोमीटर आगे छौड़ी क्षेत्र के पास पहाड़ी से बड़े बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण पैदल मार्ग बाधित हो गया। अचानक मलबा और पत्थर गिरने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यात्रियों की आवाजाही रोक दी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया। प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मार्ग की स्थिति का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। मौसम साफ होने और रास्ता सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू की जाएगी।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर गिरा मलबा और पेड़
लगातार बारिश के बीच बुधवार सुबह मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। इसी दौरान एक पेड़ भी सड़क पर गिर गया, जिसके चलते मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। घटना सुबह करीब 6:30 बजे हुई। मलबा और पेड़ गिरने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम दो जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और सड़क साफ करने का काम शुरू किया। करीब डेढ़ से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे और पेड़ को हटाकर यातायात बहाल किया गया। हालांकि, सड़क का एक हिस्सा पहले से क्षतिग्रस्त होने के कारण फिलहाल यहां वाहनों को एक लेन से बारी-बारी से निकाला जा रहा है।
बारिश के कारण फिसलन बढ़ी, दोपहिया वाहन चालकों को खतरा
पानीवाला बैंड क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते सड़क पर कई जगह कीचड़ फैल गया है। इससे सड़क पर फिसलन बढ़ गई है और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण मलबा और छोटे-बड़े पत्थर गिरने की घटनाएं भी बार-बार सामने आ रही हैं।
लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता प्रदीप सिंह शाही ने बताया कि सुबह मलबा और पेड़ गिरने के कारण मार्ग बाधित हुआ था। सूचना मिलते ही दो जेसीबी मशीनें मौके पर भेजी गईं और कुछ ही समय में सड़क से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। उन्होंने बताया कि किलोमीटर-24 के पास भी रात के समय बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद हो गई थी। जेसीबी की मदद से वहां से भी मलबा हटाकर मार्ग को खोल दिया गया।
कर्णप्रयाग-नेनीसेण मार्ग पर भी आवाजाही प्रभावित
बारिश का असर चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में भी देखने को मिला। कर्णप्रयाग-नेनीसेण मोटर मार्ग पर आईटीआई के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण सड़क को बंद करना पड़ा है। मार्ग बंद होने के बाद स्थानीय लोगों को फिलहाल सिमली-डिम्मर मोटर मार्ग के जरिए आवाजाही करनी पड़ रही है। प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सड़क को सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासन की लोगों से अपील
लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और बेहद जरूरी होने पर ही सफर करें। यात्रा पर निकलने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे सड़क की स्थिति और मौसम की जानकारी लेने के बाद ही आगे बढ़ें। पहाड़ी मार्गों पर अचानक बोल्डर गिरने, मलबा आने और सड़क पर फिसलन बढ़ने का खतरा लगातार बना हुआ है।




