मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल, रोष मार्च का ऐलान

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर पंजाब कांग्रेस ने सोमवार को जालंधर में भाजपा के खिलाफ धरना दिया। देशभगत यादगार हॉल में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने इस कथित घटना को सामाजिक समानता, सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। नेताओं ने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर उसके साथ भेदभाव करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और कैंट विधायक परगट सिंह समेत कई नेताओं ने कहा कि मामला केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, यह समानता और सामाजिक न्याय के अधिकार से जुड़ा व्यापक मुद्दा है। कांग्रेस नेताओं ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में कानून की नजर में सभी नागरिक समान हैं और जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। नेताओं ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक चुनौतियों और विदेश नीति जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए जाति और धर्म की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। कांग्रेस ने इन आरोपों के जरिए भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने पंजाब के गुरुओं और पीरों की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए ‘संगत-पंगत’ की परंपरा को सामाजिक समानता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती भेदभाव और ऊंच-नीच की मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगी।
धरने के दौरान भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के उस बयान का भी कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया, जिसमें उन्होंने हल्द्वानी के कार्यक्रम को धार्मिक संस्था की ओर से आयोजित सामान्य हवन-यज्ञ बताया था। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद भी मौजूद थे। पार्टी नेताओं ने कहा कि कथित शुद्धिकरण की घटना को लेकर उपलब्ध सामग्री और तथ्यों की जांच होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला। नेताओं ने हल्द्वानी मामले पर आप की कथित चुप्पी पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पर भाजपा के साथ राजनीतिक नजदीकी के आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामलों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों के अधिकारों की बात करने वाले नेताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। पंजाब में बिजली और कोयले के संकट को लेकर भी कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा। नेताओं ने दावा किया कि राज्य के थर्मल प्लांटों में सीमित दिनों का कोयला बचा है और बिजली उत्पादन की लागत को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के फैसलों पर दिल्ली का प्रभाव है और कथित भ्रष्टाचार के कारण राज्य की जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या संबंधित पक्ष का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है। कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी धरने को संबोधित किया। उन्होंने पंजाब की राजनीति के साथ-साथ गैंगस्टर और नशे से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
रंधावा ने 2022 के डेरा बाबा नानक विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राजनीतिक माहौल बेहद संवेदनशील था। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में मुकाबला सामान्य चुनावी लड़ाई के बजाय ‘गैंगस्टर बनाम कांग्रेस’ जैसा हो गया था। रंधावा ने ‘मानस की जात सबै एकै पहचानो’ के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस जात-पात के आधार पर भेदभाव की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उन्होंने हल्द्वानी मामले में कथित तौर पर शामिल लोगों और कथित मास्टरमाइंड के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की और दावा किया कि राज्य में आप का राजनीतिक प्रभाव लगातार कम हो रहा है। रंधावा ने सरकार पर कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। पंजाब की जेलों में नशे से जुड़े कैदियों का जिक्र करते हुए रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे की समस्या को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने नाभा जेल ब्रेक और गुरप्रीत सेखों मामले का भी उल्लेख किया।
रंधावा ने कहा कि जब चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार में वह जेल मंत्री थे, तब जेलों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया था। उन्होंने मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं है। उन्होंने गुरदासपुर जिला परिषद और कलानौर-डेरा बाबा नानक की समितियों में गैंगस्टरों को कथित समर्थन देने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का भी सवाल उठाया। रंधावा ने सरकार से इस मामले में जवाब देने की मांग की। रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी को लेकर लगाए गए कथित आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री खुद को ईमानदार मानते हैं तो उन्हें हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले की जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ऐसी जांच होने पर कुछ महीनों के भीतर मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है। धरने के अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हल्द्वानी की घटना के खिलाफ पार्टी का विरोध जारी रहेगा। कांग्रेस ने सामाजिक समानता, संवैधानिक अधिकारों और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने की बात कहते हुए पंजाब में रोष मार्च निकालने का ऐलान किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं को लामबंद किया जाएगा। कांग्रेस ने साफ किया कि वह इस कथित घटना को केवल राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दे के रूप में उठा रही है।




