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पंजाब में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) की कमी से धीमी हुई राइस मिलिंग, सरकार ने संसद में कहा- 1:100 अनुपात में मिलाने में कोई तकनीकी दिक्कत नहीं

चंडीगढ़/नई दिल्ली: पंजाब में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) की कमी के कारण धान की मिलिंग की रफ्तार प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि सामान्य चावल में 1:100 के अनुपात में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल मिलाने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या नहीं पाई गई है। लोकसभा में खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों की राज्य मंत्री निमुबेन जायतिभाई बंभानिया ने लिखित जवाब में बताया कि फोर्टिफाइड चावल तैयार करने के लिए निर्धारित अनुपात में FRK मिलाने की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी रूप से मानक के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फोर्टिफाइड राइस, FRK और विटामिन-मिनरल प्रीमिक्स के लिए गुणवत्ता मानक और परीक्षण प्रक्रिया तय की है। सरकार के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), पीएम पोषण योजना और आंगनवाड़ी जैसी योजनाओं के तहत आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-B12 युक्त फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं को कम किया जा सके। वहीं दूसरी ओर, पंजाब में FRK की कमी के चलते राइस मिलर्स ने मिलिंग की रफ्तार धीमी होने की चिंता जताई है। रिपोर्टों के

वहीं दूसरी ओर, पंजाब में FRK की कमी के चलते राइस मिलर्स ने मिलिंग की रफ्तार धीमी होने की चिंता जताई है। रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने लगभग 1 लाख टन FRK की खरीद के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी किया है। राज्य की करीब 5,500 राइस मिलों में इस FRK को नए सीजन के चावल के साथ मिलाया जाना है। पंजाब राइस मिलर्स एसोसिएशन का कहना है कि इस सीजन में FRK की उपलब्धता काफी कम रही है, जिससे मिलिंग प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर एसोसिएशन की केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अधिकारियों के शामिल होने की भी संभावना है। सरकार का कहना है कि तकनीकी स्तर पर फोर्टिफाइड चावल तैयार करने में कोई बाधा नहीं है, जबकि उद्योग से जुड़े पक्ष FRK की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं, ताकि मिलिंग और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आपूर्ति प्रभावित न हो।

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