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‘नायक’ की 25वीं सालगिरह पर अनिल कपूर का खास संदेश, बोले- बेहतर समाज की उम्मीद कभी पुरानी नहीं होती

बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर की चर्चित फिल्म ‘नायक: द रियल हीरो’ को आज 25 साल पूरे हो गए हैं। 7 सितंबर 2001 को रिलीज हुई यह फिल्म आज भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय है। फिल्म की 25वीं सालगिरह के मौके पर अनिल कपूर ने सोशल मीडिया पर ‘नायक’ से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि शिवाजी राव का किरदार उनके लिए सिर्फ एक आम आदमी के मुख्यमंत्री बनने की कहानी नहीं था। अनिल कपूर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि शिवाजी राव का किरदार चुनने के पीछे सबसे बड़ी वजह यह थी कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वह अपनी ताकत का इस्तेमाल किस तरह करता है। अभिनेता के मुताबिक, इसी सोच ने उन्हें इस भूमिका की ओर सबसे ज्यादा आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मकसद वाले किरदार को पर्दे पर निभाना उनके लिए सम्मान की बात थी। अनिल कपूर ने यह भी माना कि शायद यही वजह है कि 25 साल बाद भी ‘नायक’ दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बनाए हुए है।

अनिल कपूर ने आगे लिखा कि अपने देश से प्यार करना और लोगों के लिए कुछ बेहतर करने की इच्छा कभी पुरानी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा गर्व रहेगा कि वह ऐसी कहानी का हिस्सा रहे, जो लोगों को व्यवस्था में बदलाव और बेहतर समाज की उम्मीद देती है। ‘नायक: द रियल हीरो’ में अनिल कपूर ने टीवी रिपोर्टर शिवाजी राव का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी एक आम आदमी के अचानक सत्ता के केंद्र में पहुंचने और व्यवस्था को बदलने की कोशिश के इर्द-गिर्द घूमती है।

कहानी में शिवाजी राव एक टीवी पत्रकार होता है, जो अपने काम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री बलराज चौहान का इंटरव्यू करता है। इंटरव्यू के दौरान वह मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार और व्यवस्था से जुड़े तीखे सवाल पूछता है। शिवाजी के सवालों से मुख्यमंत्री बलराज चौहान नाराज हो जाते हैं। इसके बाद वह शिवाजी को चुनौती देते हैं कि अगर वह व्यवस्था को लेकर इतने सवाल उठाता है तो एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनकर दिखाए। शिवाजी इस चुनौती को स्वीकार कर लेता है और यहीं से फिल्म की कहानी एक नया मोड़ लेती है। एक आम आदमी के मुख्यमंत्री बनने के बाद वह प्रशासन और व्यवस्था को अपने नजरिए से चलाने की कोशिश करता है। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद शिवाजी भ्रष्टाचार, लापरवाही और सरकारी व्यवस्था की खामियों के खिलाफ सख्त कदम उठाता है। फिल्म में दिखाया गया है कि अगर सत्ता का इस्तेमाल ईमानदारी और जनहित के लिए किया जाए तो व्यवस्था में बदलाव लाया जा सकता है। शिवाजी राव का किरदार अपनी जिम्मेदारियों के प्रति ईमानदार और आम लोगों की परेशानियों को समझने वाला नजर आता है। यही वजह है कि फिल्म का किरदार और इसकी कहानी समय बीतने के बावजूद दर्शकों से जुड़ी हुई है।

फिल्म में अनिल कपूर के साथ रानी मुखर्जी, दिवंगत अभिनेता अमरीश पुरी, परेश रावल, जॉनी लीवर और सौरभ शुक्ला जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। ‘नायक’ का निर्देशन एस. शंकर  ने किया था। यह फिल्म तमिल भाषा की चर्चित फिल्म ‘मुधलवन’ का हिंदी रीमेक थी, जिसका निर्देशन भी एस. शंकर ने ही किया था। फिल्म रिलीज के बाद से ही अपने राजनीतिक और सामाजिक विषय के कारण चर्चा में रही। कहानी में आम आदमी, भ्रष्टाचार और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को मनोरंजन के साथ पेश किया गया था। 25 साल बाद भी ‘नायक’ के कई संवाद, दृश्य और शिवाजी राव का किरदार दर्शकों के बीच याद किया जाता है। यही वजह है कि फिल्म की सालगिरह पर अनिल कपूर की पोस्ट ने एक बार फिर इस फिल्म की यादें ताजा कर दी हैं।

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