हरियाणा

नशे की दवाइयों की सप्लाई का खुलासा, अस्पताल चलाने वाले आरोपी से भी पूछताछ


यमुनानगर में प्रतिबंधित दवाइयों के खिलाफ कार्रवाई

यमुनानगर में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने चुना भट्टी, जगाधरी के पास नाकाबंदी के दौरान एक युवक को 6 हजार प्रतिबंधित अल्प्राजोलम गोलियों के साथ गिरफ्तार किया है।    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान आजाद नगर निवासी आशु गुप्ता के रूप में हुई है। डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि एंटी नारकोटिक सेल प्रभारी अनिल कुमार की टीम को सूचना मिली थी कि एक युवक बाइक से प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की खेप लेकर यमुनानगर पहुंचने वाला है।

नाकाबंदी देखकर भागने लगा आरोपी

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चुना भट्टी के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान छछरौली की ओर से बाइक पर आ रहा युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। टीम ने उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ईटीओ वीरेंद्र कुमार की मौजूदगी में आरोपी की तलाशी ली गई। ड्रग कंट्रोलर डॉ. बिंदु शर्मा की जांच में बरामद दवाइयां अल्प्राजोलम की 6 हजार गोलियां पाई गईं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इन दवाइयों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

पूछताछ में सामने आया सप्लायर का नाम

पुलिस पूछताछ में आशु गुप्ता ने कथित तौर पर बताया कि वह ये प्रतिबंधित दवाइयां रामपुर खादर निवासी शैलेंद्र से लेकर आया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शैलेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार शैलेंद्र ने नत्थनपुर बस स्टैंड पर एक अस्पताल खोल रखा है। इस अस्पताल की भी जांच की जा रही है और पुलिस वहां से जुड़े दस्तावेजों व अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

रिमांड पर दोनों आरोपी, सप्लाई नेटवर्क की जांच

दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अल्प्राजोलम की ये प्रतिबंधित गोलियां कहां से खरीदी गई थीं और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस जांच में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई के स्रोत के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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