पेलेट गन से घायल साहिल लोचब मामले में FIR की मांग, राहुल गांधी थाने पहुंचे

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को राजधानी दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे। राहुल गांधी यहां 19 वर्षीय युवक साहिल लोचब के मामले में FIR दर्ज नहीं किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनके साथ साहिल लोचब, उसके परिवार के सदस्य और वकील भी मौजूद रहे। राहुल गांधी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके पहुंचने के बाद कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी वहां जुट गए। कांग्रेस की ओर से पुलिस से मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और शिकायत पर कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। मामला 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। कांग्रेस के अनुसार, उस प्रदर्शन के दौरान 19 वर्षीय साहिल लोचब पेलेट गन की चपेट में आकर घायल हुआ था। कांग्रेस का आरोप है कि घटना के बावजूद पुलिस ने अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की है।
राहुल गांधी साहिल लोचब, उसके परिवार और वकीलों के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और पुलिस उपायुक्त कार्यालय में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग रखी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी का कहना है कि जब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की जाती, तब तक वह वहां से नहीं जाएंगे। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, साहिल लोचब 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस के पास गया था। इस दौरान घटना को लेकर पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी। आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस की ओर से मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि पुलिस ने शिकायतकर्ता को जांच अधिकारी यानी आईओ का संपर्क नंबर देने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के माध्यम से पुलिस के सामने दोबारा मामले को उठाया गया।
कांग्रेस के अनुसार, इसके बावजूद जांच अधिकारी का नंबर उपलब्ध नहीं कराया गया और शिकायत की कोई पावती भी नहीं दी गई। पार्टी का कहना है कि इसी वजह से राहुल गांधी आज साहिल लोचब और उसके परिवार के साथ पुलिस थाने पहुंचे हैं। राहुल गांधी के थाने पहुंचने और धरने पर बैठने के बाद मौके पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कांग्रेस इस मामले में FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। वहीं, पुलिस की ओर से मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर अब सभी की नजर है। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने की संभावना है।



