पंजाब

पंजाब में NDPS मामले में हाईकोर्ट सख्त, 1.37 करोड़ नशीली गोलियों के केस में जमानत खारिज; लुधियाना में 48 घंटे में 9 लड़कियों के लापता होने पर स्वत: संज्ञान

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 1.37 करोड़ से अधिक नशीली (साइकोट्रॉपिक) गोलियों की बरामदगी से जुड़े मामले में दायर आठ नियमित जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि इस मामले में NDPS Act की धारा 37 के कड़े प्रावधान लागू होते हैं और प्रथम दृष्टया यह मामला संगठित तरीके से नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई से जुड़ा प्रतीत होता है।

न्यायमूर्ति सुमीत गोयल ने कहा कि केवल यह तर्क कि आरोपी लाइसेंस प्राप्त दवा कारोबार से जुड़े हैं, इस स्तर पर मामले की गंभीरता को कम नहीं करता। अदालत ने माना कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को देखते हुए जमानत देने का आधार नहीं बनता।

इसी बीच, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना में 48 घंटे के भीतर नौ लड़कियों के लापता होने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान (सुओ मोटू) लिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट ने संबंधित उपायुक्त (Deputy Commissioner) को निर्देश दिया है कि वह समाचार रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों और प्रशासन द्वारा अब तक उठाए गए कदमों का विस्तृत हलफनामा 10 दिनों के भीतर अदालत में दाखिल करें।

अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है। इस घटनाक्रम के बाद लापता लड़कियों के मामलों को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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