पंजाब में चुनावी माहौल तेज, सड़कों पर उतरीं राजनीतिक पार्टियां; रैलियों और जनसंपर्क अभियान का दौर शुरू

पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए रैलियों, पदयात्राओं और गांव स्तर के जनसंपर्क अभियानों में जुट गए हैं। चुनावी साल को देखते हुए पार्टियां अभी से अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने और संगठन की ताकत दिखाने में लगी हुई हैं। गांव-गांव पहुंचकर जनता से जुड़ने और अपने मुद्दों को उठाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने 17 फरवरी से ‘पंजाब बचाओ रैलियों’ की शुरुआत कर दी है। पार्टी इन रैलियों के जरिए प्रदेश के मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच रही है और अपना राजनीतिक अभियान तेज कर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जनवरी महीने में ‘चौपाल’ कार्यक्रमों का आयोजन किया था। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी ने केंद्र सरकार की विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-G-RAM-G) योजना को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया।
दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी भी जनवरी के पहले सप्ताह से ही सड़कों पर सक्रिय है। कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम रैलियों’ के माध्यम से अपना अभियान शुरू किया, जो लगातार जारी है। पार्टी ने केवल कुछ समय के लिए कार्यक्रमों के बीच विराम लिया है। चुनाव से पहले पंजाब में राजनीतिक दलों की बढ़ती सक्रियता से साफ है कि आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति और ज्यादा गर्म होने वाली है। सभी पार्टियां जनता के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने और चुनावी बढ़त हासिल करने की कोशिश में जुट गई हैं।




