फिल्म ‘सतलुज’ विवाद पर बीजेपी की एंट्री, निष्पक्ष जांच की उठी मांग


फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर जारी विवाद के बीच अमृतसर में भारतीय जनता पार्टी के जिला सचिव राजीव शर्मा ने प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म, पुस्तक, वेब सीरीज या अन्य माध्यम के जरिए किसी भी धर्म, समाज या समुदाय की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को आहत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। राजीव शर्मा ने कहा कि यदि फिल्म ‘सतलुज’ में ऐसे दृश्य, संवाद या सामग्री शामिल है, जिससे किसी वर्ग की धार्मिक या सामाजिक भावनाएं प्रभावित होती हैं, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा कराई जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर उचित निर्णय लेने की मांग की, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद और तनाव पैदा न हो।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी संवेदनशील मामले में समय रहते उचित कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी पक्ष की आपत्तियां सही पाई जाती हैं तो संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे सभी समुदायों का विश्वास बना रहे। भाजपा जिला सचिव ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी विवाद का समाधान हिंसा, प्रदर्शन या टकराव से नहीं बल्कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है
तथा संवाद और आपसी समझ से ही ऐसे विवादों का स्थायी समाधान संभव है। राजीव शर्मा ने कहा कि पंजाब हमेशा भाईचारे और सौहार्द की धरती रहा है। ऐसे में किसी भी मुद्दे को लेकर ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए जिससे समाज में तनाव पैदा हो। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सभी पक्षों की बात सुनकर कानून के अनुसार फैसला लिया जाए, ताकि प्रदेश में शांति और सामाजिक सद्भाव कायम रहे।



