2 बार रोकी गई गंगनहर, तब जाकर मिला आईआईटी छात्र का शव; रुड़की पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

रुड़की। पिछले 8 दिनों से आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) के जिस होनहार छात्र की तलाश पूरा देश कर रहा था, उसका अंत बेहद दुखद रहा। 11 फरवरी को गंगनहर में डूबे एमबीए द्वितीय वर्ष के छात्र का शव आज मंगलवार सुबह महमदपुर झाल के पास से बरामद कर लिया गया है। करीब एक सप्ताह तक चले इस सघन सर्च ऑपरेशन ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।
रुड़की का अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त सर्च ऑपरेशन
यह रेस्क्यू ऑपरेशन उत्तराखंड के इतिहास के सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। छात्र को खोजने के लिए सेना और प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। इस अभियान में निम्नलिखित टीमें शामिल थीं:
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सुरक्षा बल: SDRF, NDRF, बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप (आर्मी) और जल पुलिस।
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विशेषज्ञ: देश के करीब 20 मशहूर प्रोफेशनल गोताखोरों को विशेष रूप से बुलाया गया था।
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तकनीक: चप्पे-चप्पे को खंगालने के लिए आधुनिक ड्रोन और अंडरवॉटर सर्च उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
दो बार रोका गया नहर का पानी
गंगनहर का बहाव तेज होने के कारण तलाशी में भारी बाधा आ रही थी। प्रशासन ने रेस्क्यू टीम की मदद के लिए दो बार नहर का पानी बंद करवाया। सोमवार को एक बार फिर बड़े स्तर पर पानी रोककर बाल्मीकि घाट से आसफनगर झाल तक करीब 100 सदस्यीय टीम ने गहन तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणाम स्वरूप आज सुबह सफलता हाथ लगी।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया पार्थिव शरीर
शव मिलने की सूचना मिलते ही छात्र के परिजनों और आईआईटी रुड़की परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।




