नेपाल में आपदा के बीच महाराष्ट्र सरकार बनी सहारा, 106 पर्यटक सुरक्षित भारत लौटे

नेपाल में ग्लेशियर और बर्फीली चट्टानों के अचानक गिरने से आई फ्लैश फ्लड के बीच महाराष्ट्र के पर्यटकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार के समन्वित बचाव और निकासी अभियान के तहत 106 पर्यटकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। सरकार के मुताबिक, 84 और लोगों के शनिवार को अपने घर पहुंचने की उम्मीद है। नेपाल के आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए राज्य और केंद्र की एजेंसियां लगातार समन्वय कर रही हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भारत लौट रहे कई नागरिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की और उनका हाल जाना। पर्यटकों ने मुश्किल हालात में मदद पहुंचाने के लिए महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर बचाव अभियान में केंद्र सरकार के सहयोग की अहम भूमिका रही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के हस्तक्षेप का भी उल्लेख किया और कहा कि कूटनीतिक स्तर पर सहयोग के कारण राहत एवं निकासी अभियान को गति मिली। सरकारी एजेंसियां महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से नेपाल गए पर्यटकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इनमें रायगढ़, अहिल्यानगर, नासिक, पुणे, मुंबई और नागपुर के नागरिक शामिल हैं। नागपुर जिले से नेपाल गए 106 पर्यटकों का पता लगा लिया गया है और सभी के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है। इनमें चार लोगों को विमान के जरिए सीधे नई दिल्ली लाया गया, जबकि 102 लोग बस के माध्यम से बिहार के पटना पहुंचे। पटना में रात रुकने के बाद इन 102 लोगों ने शनिवार सुबह करीब 7 बजे नागपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ी। इस तरह अलग-अलग माध्यमों से उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है। अहिल्यानगर के संगमनेर से दर्शन गुंजाल द्वारा आयोजित 45 सदस्यों का एक टूर ग्रुप भी नेपाल के चितवन में सुरक्षित पहुंच गया है। इस समूह में अहिल्यानगर के 27, नासिक के 12, पुणे के 5 और मुंबई का एक व्यक्ति शामिल है। काठमांडू जाने वाले सीधे मार्गों पर भारी जाम और रास्तों में रुकावट के कारण इस समूह ने अपना मार्ग बदल दिया। समूह लुंबिनी की ओर से आगे बढ़ा और शनिवार को अयोध्या के रास्ते भारत में प्रवेश करने की जानकारी दी गई।
रायगढ़ के जय गिरनारी शिवदत्त मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित 37 सदस्यीय तीर्थयात्री समूह भी चीन के सागा क्षेत्र में पहुंचा था। समूह के साथ दो डॉक्टर मौजूद थे, जिनकी निगरानी में सभी तीर्थयात्रियों की सेहत ठीक बताई गई है। यह समूह वैकल्पिक पहाड़ी मार्गों का इस्तेमाल करते हुए काठमांडू एयरपोर्ट पहुंचा। वहां से शनिवार को भारत लौटने के लिए निर्धारित उड़ान पकड़ने की तैयारी की गई। वहीं, काठमांडू में फंसे नासिक के 11 पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास भी जारी हैं। महाराष्ट्र का राज्य आपदा प्रबंधन विभाग इन नागरिकों की स्थिति पर नजर रखते हुए जमीन पर राहत और निकासी के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। नेपाल में बाढ़ और अन्य आपदा परिस्थितियों को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मुंबई स्थित राज्य सचिवालय में 24 घंटे चलने वाला विशेष वॉर रूम बनाया है। इस वॉर रूम के जरिए नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों की जानकारी जुटाने, उनके परिजनों से संपर्क बनाए रखने और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करने का काम किया जा रहा है। सरकार ने उन नागरिकों और परिजनों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है, जिन्हें नेपाल में फंसे किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी चाहिए या किसी रिश्तेदार के फंसे होने की सूचना देनी है। राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को भी जरूरी निर्देश जारी किए हैं। शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से डिजिटल जियो-ट्रैकिंग का इस्तेमाल करते हुए रियल-टाइम जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ और रास्तों में पैदा हुई रुकावटों के कारण पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार की प्राथमिकता सभी प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित निकालकर उनके घर तक पहुंचाना है। फिलहाल 106 पर्यटकों की सुरक्षित वापसी से राहत मिली है, जबकि अन्य नागरिकों की निकासी के प्रयास जारी हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के मुताबिक बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।




