उत्तराखंड

उत्तराखंड में धमकी और भड़काऊ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं, प्रशासन करेगा कार्रवाई

खटीमा/देहरादून:-  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर में मदरसों को लेकर एक मौलाना के कथित विवादित बयान पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने या किसी भी तरह की धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में इस तरह की बयानबाजी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

“यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, विचारधारा का मामला”

चंपावत रवाना होने से पहले खटीमा हेलीपैड पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह मामला सिर्फ किसी एक मौलाना तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी सोच का है जो संविधान और कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश करती है।  उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कानून सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति को समाज में भय या तनाव का माहौल बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

तुष्टिकरण की राजनीति पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले तुष्टिकरण की राजनीति के कारण ऐसे लोगों को संरक्षण मिलता था, लेकिन अब राज्य में कानून के शासन के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी, चाहे वह कोई भी हो।

प्रशासन करेगा पहचान, होगी कार्रवाई

सीएम धामी ने कहा कि जहां-जहां इस प्रकार के बयान सामने आए हैं, वहां प्रशासन संबंधित लोगों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा। उन्होंने दोहराया कि उत्तराखंड में सभी फैसले संविधान और कानून के दायरे में रहकर ही लिए जाएंगे।

अतिक्रमण हटाने का अभियान रहेगा जारी

मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। देवभूमि में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून के तहत सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

Related Articles

Back to top button