कर्मचारी नेताओं का ऐलान, मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन

पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों ने महंगाई भत्ता (डीए) जारी नहीं किए जाने के विरोध में शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित अनाज मंडी में विशाल रैली आयोजित की। राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों कर्मचारी और पेंशनर इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए, जबकि शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। रैली के बाद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर कूच करने लगे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और हालात को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ समय के लिए प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही, हालांकि बाद में हालात नियंत्रण में आ गए।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि लंबे समय से महंगाई भत्ते की मांग उठाई जा रही है, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच डीए जारी न होने से कर्मचारियों और पेंशनरों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। कर्मचारी नेता रविंदर लूथरा ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावों और विभिन्न बैठकों में कर्मचारियों से किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द महंगाई भत्ता जारी करने और अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में राज्यभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।




