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आम लोगों को मिलेगी राहत? कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने रोजाना की तरह देशभर के लिए नए ईंधन मूल्य जारी किए हैं, जिनमें अधिकांश बड़े शहरों में दरें पहले जैसी ही बनी हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल 111.12 रुपये और डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 113.43 रुपये और डीजल 99.78 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107.75 रुपये और डीजल 99.57 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.79 रुपये प्रति लीटर है, वहीं हैदराबाद में पेट्रोल 115.74 रुपये और डीजल 103.90 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।

कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे ओपेक प्लस (OPEC+) देशों का हालिया फैसला अहम माना जा रहा है। संगठन ने सितंबर महीने से प्रतिदिन लगभग 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त तेल उत्पादन बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने की संभावना बनी है, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में अस्थिरता के कारण तेल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। हालांकि अतिरिक्त उत्पादन से आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी आ सकती है। जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक नीचे बनी रहती हैं और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी मजबूत रहती है, तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल भारतीय उपभोक्ताओं को ईंधन के दामों में किसी तत्काल बदलाव का इंतजार करना होगा।

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