वाटिका रियल एस्टेट केस में ED का एक्शन, पूर्व मंत्री गोपाल कांडा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी

की जांच के दायरे में वाटिका लिमिटेड के चार कमर्शियल प्रोजेक्ट्स हैं। एजेंसी के मुताबिक, इन परियोजनाओं में निवेश के लिए 661 निवेशकों से करीब 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। निवेशकों को समय पर प्रॉपर्टी का कब्जा, सुनिश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड के निष्पादन का भरोसा दिए जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, रकम जमा होने के बावजूद अब तक निवेशकों को परियोजनाओं का कब्जा नहीं दिया गया और वादा की गई सेल डीड भी पूरी नहीं हुई। इसी मामले में निवेशकों से प्राप्त धन के कथित वित्तीय डायवर्जन की भी जांच की जा रही है।
ED को शक है कि रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़े निवेशकों के फंड को कथित तौर पर दूसरी जगह डायवर्ट किया गया और बाद में यह रकम गोपाल कांडा से जुड़ी विभिन्न कंपनियों में ट्रांसफर हुई। एजेंसी इसी वित्तीय लेनदेन की कड़ी को खंगालने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है।
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत की गई है। ED की तलाशी का उद्देश्य मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित सबूतों की जांच करना है।
गोपाल कांडा से जुड़े परिसरों पर ED की यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले अगस्त 2023 में भी एजेंसी ने उनसे जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। उस दौरान करीब 21 घंटे तक दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
फिलहाल ED की जांच जारी है। मामले में सामने आए वित्तीय लेनदेन और फंड ट्रांसफर से जुड़े आरोपों की जांच एजेंसी कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों को जांच का हिस्सा बताया गया है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।




