जालंधर में 700 पेटी अवैध शराब बरामद, भाजपा ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना


जालंधर में आबकारी विभाग की कार्रवाई के दौरान करीब 700 पेटी अवैध शराब बरामद होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। इस मामले को गंभीर बताते हुए जालंधर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रधान अशोक सरीन हिक्की के नेतृत्व में एक्साइज कमिश्नर रंजीत सिंह से मिला। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक और पंजाब SC मोर्चा प्रधान शीतल अंगुराल, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव के.डी. भंडारी, पंजाब भाजपा सचिव अमरजीत सिंह अमरी, पूर्व जिला प्रधान सुशील शर्मा और महामंत्री राजेश कपूर समेत कई भाजपा नेता शामिल रहे। भाजपा जिला प्रधान अशोक सरीन हिक्की ने कहा कि करीब 700 पेटी शराब की बरामदगी को केवल एक जगह पर मिले अवैध स्टॉक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यह बरामदगी पंजाब में सक्रिय किसी बड़े अवैध शराब नेटवर्क की ओर इशारा कर सकती है। अशोक सरीन हिक्की ने सरकार और संबंधित विभाग से सवाल किया कि बरामद शराब किसकी है, इसे कौन लेकर आया था, इसे किसके संरक्षण में रखा गया और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। उन्होंने पूरे मामले की तह तक जाने और मुख्य आरोपियों तक पहुंचने की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि जांच केवल शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिस कंपनी के नाम से शराब तैयार की गई है, उसके लाइसेंस, बॉटलिंग प्लांट और उत्पादन से जुड़े पूरे रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए।
भाजपा ने बरामद शराब के नमूनों की सरकारी प्रयोगशाला में जांच कराने की भी मांग की। नेताओं का कहना है कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि शराब मानकों के अनुरूप थी या उसमें कोई ऐसा पदार्थ मौजूद था जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता था। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव के.डी. भंडारी ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान होता है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच आर्थिक पहलुओं से भी की जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग लिया जाए। पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने कहा कि अगर जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब का स्टॉक बरामद हुआ है तो दूसरे इलाकों में भी ऐसे डंप होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस और खुफिया तंत्र से व्यापक अभियान चलाने की मांग की। शीतल अंगुराल ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में अगर कोई ठेकेदार, लाइसेंस धारक या अन्य व्यक्ति संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले लोगों के लाइसेंस रद्द करने की भी मांग की।
भाजपा नेताओं ने इस मामले को केवल सरकारी राजस्व से जुड़ा मुद्दा नहीं बताया। उनका कहना है कि अगर अवैध शराब स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होती है तो यह सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन जाता है। पंजाब भाजपा सचिव अमरजीत सिंह अमरी ने कहा कि पार्टी पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच चाहती है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ राजनीतिक या प्रशासनिक प्रभाव से ऊपर उठकर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा नेताओं के अनुसार, एक्साइज विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में शराब की तस्करी और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों को लेकर भी चर्चा हुई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रावधानों के कारण दूसरे राज्यों से शराब की बड़ी मात्रा में तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पर्याप्त सख्ती नहीं है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार की नशे और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कथनी और करनी में अंतर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि शराब तस्करी से जुड़े मामलों में कानून को और सख्त किए जाने की जरूरत है, ताकि ऐसे मामलों में आरोपियों को आसानी से राहत न मिल सके। भाजपा ने पंजाब के राज्यपाल से भी इस मामले में सख्त कानूनी प्रावधानों की दिशा में कदम उठाने की मांग करने की बात कही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अवैध शराब की तस्करी करने वाले नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस, आबकारी विभाग और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। फिलहाल जालंधर में बरामद करीब 700 पेटी अवैध शराब को लेकर जांच जारी है। इस मामले में शराब की सप्लाई, भंडारण और संभावित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।



