राष्ट्रीय

छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में हंगामा

कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के जोरदार हंगामे के कारण गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी के बयान को लेकर सरकार को घेरते हुए सदन में लगातार नारेबाजी की। शोर-शराबे के चलते सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। कार्यवाही की शुरुआत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीतने वाले मुरली श्रीशंकर की सराहना की। इसके साथ ही पुरुषों की 100 मीटर टी-47 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाले दिलीप महादु गावित और सिल्वर मेडल विजेता मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकाथी को भी शुभकामनाएं दीं। खिलाड़ियों को बधाई देने के तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विरोध तेज कर दिया। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सांसदों ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ कथित बल प्रयोग किया गया और इसके लिए केंद्र सरकार जवाबदेह है। विपक्षी सदस्य लगातार गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर जवाब देने की मांग करते रहे।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को संसद में मौजूद रहकर विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े इतने गंभीर मामले पर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और संसद में जवाबदेही तय होनी चाहिए। इससे पहले सुबह करीब 10:30 बजे INDIA गठबंधन के कई सांसद संसद परिसर के मकर द्वार पर एकत्र हुए। सांसद हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे और उन्होंने सवाल उठाया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग के अलावा अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को मिले दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इन मामलों में केंद्र सरकार से जवाब मांगा और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। संसद का यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय देखने को मिला जब राज्यसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा और उसे पारित कराने की प्रक्रिया शुरू होनी थी। ऐसे में छात्र आंदोलन और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और अधिक तेज होता दिखाई दिया।

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