‘सरपंच चैलेंज’ से बदले जाएंगे गांवों के सरकारी स्कूल, CJP की नई मुहिम

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा। दिपके ने कहा कि आज भी कई ग्रामीण स्कूलों में बच्चों को साफ पानी, बिजली और उचित शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं मिल पातीं। उन्होंने खासतौर पर छात्राओं के लिए बेहतर वॉशरूम की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में नई बड़ी इमारतें और आधुनिक सुविधाएं बनाई जा रही हैं, तो गांवों के सरकारी स्कूलों को बेहतर क्यों नहीं बनाया जा सकता। उनका कहना है कि किसानों और मजदूरों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
CJP ने अभियान को ‘सरपंच चैलेंज’ नाम दिया है। इसके तहत संगठन उन सरपंचों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगा, जो अपने गांव के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारेंगे। संगठन स्कूलों की ‘पहले और बाद’ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करेगा, ताकि दूसरे गांवों के सरपंच भी इससे प्रेरित होकर अपने स्कूलों में सुधार कर सकें। अभियान के तहत अभिभावकों से स्कूल जाकर बिजली, पानी, शौचालय और मिड-डे मील जैसी सुविधाओं की जांच करने को कहा गया है। सुविधाओं की कमी मिलने पर अभिभावक फोटो और वीडियो के जरिए इसकी जानकारी दे सकेंगे। CJP जल्द ही एक प्रिंट करने योग्य ऑडिट फॉर्म भी जारी करेगा। इसके जरिए नागरिक स्कूलों में उपलब्ध और अनुपलब्ध सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार कर सकेंगे।
CJP का कहना है कि अभियान का मकसद गांवों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले किसानों और दिहाड़ी मजदूरों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह पहल CJP के हालिया शिक्षा आंदोलनों के बाद सामने आई है। संगठन ने परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक आंदोलन किया था, जिसे 25 जुलाई को समाप्त किया गया। हाल ही में छत्रपति संभाजीनगर में हुई रणनीति बैठक में CJP ने चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय युवा आंदोलन के तौर पर काम जारी रखने का फैसला किया था। संगठन ने देशभर में लोगों से जुड़ने के लिए ‘क्या बोलती पब्लिक?’ अभियान की भी घोषणा की है।




