पंजाब बंद से जनजीवन प्रभावित, अमृतसर में पुलिस रही अलर्ट

वाल्मीकि समाज द्वारा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया गया, जिसका असर राज्य के कई शहरों में देखने को मिला। अमृतसर, जालंधर और अन्य जिलों में बाजारों, यातायात और सामान्य जनजीवन पर इसका प्रभाव दिखाई दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। अमृतसर में बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भंडारी पुल पर लगे आम आदमी पार्टी के नेताओं के पोस्टर हटाकर फाड़ दिए। इसके अलावा शहर के प्रमुख हालगेट बाजार को भी बंद कराया गया। दोपहर बाद प्रदर्शन का असर और अधिक बढ़ गया, जिससे कई इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रहीं।
यह बंद बरनाला में 22 जुलाई को सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुलाया गया था। वाल्मीकि समाज के विभिन्न संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पंजाब बंद का सबसे अधिक असर जालंधर में देखने को मिला, जहां कई बाजार पूरी तरह बंद रहे। एहतियात के तौर पर कई निजी स्कूलों ने अवकाश घोषित किया, जबकि कुछ शिक्षण संस्थानों ने छात्रों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कीं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।




