पंजाब

पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, भंडारी पुल पर घंटों बाधित रहा ट्रैफिक

बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज की घटना के विरोध में वाल्मीकि समाज के विभिन्न संगठनों ने सोमवार को पंजाब बंद का आह्वान किया। बंद का असर राज्य के कई शहरों में देखने को मिला। जालंधर समेत कई जिलों में बाजारों, परिवहन सेवाओं और शैक्षणिक गतिविधियों पर इसका प्रभाव पड़ा, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बंद को देखते हुए जालंधर के एमजीएन स्कूल, सेठ हुक्म चंद स्कूल, इनोसेंट हार्ट स्कूल और शिव ज्योति स्कूल ने एहतियातन अवकाश घोषित किया। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कई शिक्षण संस्थानों ने ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया। वहीं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी बंद का असर देखने को मिला।

वाल्मीकि समाज के संगठनों ने आम जनता, व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न वर्गों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बरनाला की घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी बड़े व्यापारिक संगठन ने आधिकारिक रूप से बंद का समर्थन घोषित नहीं किया था। प्रशासन ने सुबह से ही प्रमुख बाजारों, संवेदनशील इलाकों और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अमृतसर में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सीवरेज कर्मचारी यूनियन और वाल्मीकि समुदाय के सदस्यों ने भंडारी पुल पर धरना-प्रदर्शन किया, जिससे शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने पुल पर आने-जाने वाले वाहनों को रोककर वापस भेजा और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बरनाला घटना में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई। पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था संभाली। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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