पंजाब

पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को मंजूरी, 97% से अधिक महिलाओं को हर महीने ₹1000-₹1500 की आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। इनमें सबसे बड़ा फैसला ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को मंजूरी देना रहा। इस योजना के तहत राज्य की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी।

सरकार के अनुसार, सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह ₹1000, जबकि अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजे जाएंगे। इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में ₹9300 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे यह देश की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल हो गई है।

महिलाओं को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें अपनी जरूरतों के लिए स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता देना और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि आर्थिक स्वतंत्रता से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।

कौन होंगी योजना की पात्र?

इस योजना का लाभ पाने के लिए महिला की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। साथ ही वह पंजाब की मतदाता हो, उसके पास पंजाब पते वाला आधार कार्ड और वैध वोटर आईडी कार्ड होना आवश्यक होगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एक ही परिवार की सभी पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। इसके अलावा जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें भी यह राशि पेंशन के अतिरिक्त मिलेगी।

गांव-गांव चलाया जाएगा विशेष अभियान

सरकार योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्यभर में विशेष पंजीकरण अभियान चलाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज के इलाकों में महिलाओं को दस्तावेज तैयार कराने, बैंक खाते सक्रिय कराने और आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने में भी सहायता दी जाएगी।

सतलुज नदी की सफाई को भी मंजूरी

कैबिनेट बैठक में सतलुज नदी की डी-सिल्टिंग (गाद हटाने) को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे एनएचएआई (NHAI) की कई सड़क और हाईवे परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी और बाढ़ की संभावनाएं भी कम होंगी।

योजना विभाग में 70 नई भर्तियां

कैबिनेट ने योजना विभाग में 70 सीधी भर्तियों को भी मंजूरी दी। आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड तथा सांख्यिकी निदेशालय के विलय के बाद नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

PSPCL और PSTCL में नियुक्ति नियमों में बदलाव

बैठक में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSTCL) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) और निदेशकों की नियुक्ति के लिए योग्यता और अनुभव से जुड़े नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।

पचवारा कोयला खदान के लिए स्टाफ भर्ती

कैबिनेट ने झारखंड स्थित पचवारा सेंट्रल कोल माइंस के संचालन और रखरखाव के लिए संविदा आधार पर आवश्यक तकनीकी और सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी। इसके लिए एक सशक्त समिति का गठन किया जाएगा।

औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड करने की नीति में बदलाव

सरकार ने लीज पर दिए गए औद्योगिक प्लॉट और शेड को फ्रीहोल्ड करने की नीति में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब बैंक या वित्तीय संस्थानों के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट भी आवश्यक एनओसी (NOC) के बाद फ्रीहोल्ड कराए जा सकेंगे।

पंजाब सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में महिला सशक्तिकरण, आधारभूत ढांचे का विकास, उद्योगों को बढ़ावा और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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