मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी देशभर में मिसाल, तीन महीने में 30.51 लाख परिवार जुड़े, ₹292 करोड़ का मुफ्त इलाज मंजूर

पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सेहत योजना (Mukh Mantri Sehat Yojna) लॉन्च होने के महज तीन महीनों के भीतर राज्य में बड़ी सफलता हासिल करती नजर आ रही है। सरकार के अनुसार, 8 जनवरी 2026 को शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि जरूरतमंद मरीजों के लिए 292 करोड़ रुपये से अधिक के कैशलेस इलाज को मंजूरी दी जा चुकी है। पंजाब सरकार इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि और राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के रूप में पेश कर रही है।
यह जानकारी बठिंडा जिला योजना समिति के चेयरमैन हरदीप सरा ने ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल‘ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले चार वर्षों में जनता से किए गए अधिकांश वादों को धरातल पर उतारा है और विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं।
हरदीप सरा ने कहा कि पंजाब के लोग सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं क्योंकि स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, कृषि, रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पूरे राज्य में आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां लोगों को मुफ्त दवाइयां, जांच और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं शिक्षा क्षेत्र में स्कूल ऑफ एमिनेंस और सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण के जरिए शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार किया गया है।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में खेल अधोसंरचना का तेजी से विकास किया जा रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
हरदीप सरा ने बताया कि पंजाब के करीब 80 प्रतिशत परिवारों को हर महीने 600 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। किसानों के लिए पहली बार दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है तथा नहरों के माध्यम से लाखों किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिली है।
रोजगार के क्षेत्र में भी सरकार ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 64 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिससे युवाओं का सरकार पर विश्वास मजबूत हुआ है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह तथा सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान मौजूदा बजट में किया गया है।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यभर में ड्रग तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। बड़ी संख्या में तस्कारों की गिरफ्तारी हुई है और युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालने के लिए पुनर्वास केंद्रों और जागरूकता कार्यक्रमों को भी मजबूत किया गया है।
अपने संबोधन के अंत में हरदीप सरा ने कहा कि पंजाब सरकार जनता से किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी विकास कार्यों की गति इसी तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।


