पंजाब

संगरूर में कांग्रेस का जिला स्तरीय अभियान शुरू, सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

संगरूर में कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने अग्रवाल धर्मशाला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सीवरेज सफाई को लेकर पारित प्रस्तावों को प्रशासन ने अब तक लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व सांसद और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री विजय इंदर सिंगला की टीम के नेतृत्व में जिले में ‘झाड़ू कहां है?’ नाम से राजनीतिक अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत पूरे संगरूर विधानसभा क्षेत्र में QR कोड वाले पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से सरकार से जवाबदेही तय करने की कोशिश की जा रही है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रॉकी बंसल और नगर परिषद के पार्षदों ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले सफाई कर्मचारियों की मांगें मानने का आश्वासन देकर उनकी हड़ताल खत्म करवाई, लेकिन बाद में अपने वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि इसी कारण कर्मचारी दोबारा हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आज संगरूर की अधिकांश गलियां, मोहल्ले, बाजार और कॉलोनियां कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। कई स्थानों पर कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे निकलने वाला धुआं लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को गंदगी और प्रदूषण के बीच रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

नेताओं ने कहा कि जिस बदलाव के नाम पर जनता ने आम आदमी पार्टी को सत्ता सौंपी थी, वह आज जमीन पर कहीं दिखाई नहीं देता। उन्होंने सवाल उठाया कि चार साल बाद भी सफाई व्यवस्था क्यों नहीं सुधरी और सफाई कर्मचारियों की जायज मांगें अब तक क्यों लंबित हैं। कांग्रेस ने आगामी मानसून को लेकर भी चिंता जताई। नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते सफाई और सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो बारिश के दौरान कूड़ा और गंदा पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकता है, जिससे संक्रामक बीमारियों और महामारी का खतरा बढ़ जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि नगर परिषद में पारित प्रस्तावों को जानबूझकर लागू नहीं किया गया, जिससे शहर की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात के लिए सरकार और प्रशासन दोनों जिम्मेदार हैं। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि अभियान के तहत जारी QR कोड और वेबसाइट के माध्यम से सरकार की कथित विफलताओं से जुड़े तथ्य जनता तक पहुंचाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि अभियान को लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है और यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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