उत्तर प्रदेश

अयोध्या दौरा रद्द, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव मौर्य नहीं आएंगे


लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अयोध्या में प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। मंगलवार को अयोध्या आने वाले उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम भी निरस्त कर दिए गए हैं। भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि लखनऊ में हुए हादसे में जनहानि होने के कारण पार्टी नेतृत्व ने शोक व्यक्त करते हुए सभी संगठनात्मक गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद अयोध्या में होने वाली राजनीतिक और संगठनात्मक बैठकों को भी रद्द कर दिया गया है।

भाजपा नेतृत्व का मानना है कि इस कठिन समय में राजनीतिक गतिविधियों की बजाय पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करना अधिक आवश्यक है। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम, स्वागत समारोह या राजनीतिक आयोजन से फिलहाल दूरी बनाए रखें। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश नेतृत्व लगातार हादसे की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शेषावतार मंदिर में प्रस्तावित ध्वजारोहण कार्यक्रम अपने पूर्व निर्धारित समय और तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह धार्मिक कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और इसका स्वरूप पूरी तरह आध्यात्मिक है, इसलिए इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। मंदिर प्रशासन ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न होगा।

महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टी हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति शोक संवेदना जताई तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भाजपा पदाधिकारियों का कहना है कि इस दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है और ऐसे समय में समाज के सभी वर्गों को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।

लखनऊ अग्निकांड के बाद अयोध्या में राजनीतिक गतिविधियों पर विराम लगने से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि पार्टी नेतृत्व जनभावनाओं और संवेदनशील परिस्थितियों को प्राथमिकता दे रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि हादसे की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन प्रभावित परिवारों को किस प्रकार राहत प्रदान करता है।




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