भगवंत मान वीडियो विवाद में बड़ा एक्शन, फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट मामले में दो गिरफ्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से जुड़े कथित विवादित वीडियो को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। गुरुग्राम पुलिस ने वीडियो से संबंधित कथित फर्जी फॉरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने के आरोप में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के अनुसार, डीएलएफ सेक्टर-29 थाना गुरुग्राम में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर अपराध शाखा सेक्टर-40 की टीम ने जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर कथित रूप से वीडियो को लेकर फर्जी फॉरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करवाने तथा उसे प्रमाणिक दिखाने की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की सियासत में भी हलचल तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके बिक्रम सिंह मजीठिया ने प्रेस वार्ता के दौरान दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वीडियो मामले में गुरुग्राम में दर्ज एफआईआर में अरुण महेंद्रू और अंकित नामक व्यक्तियों को नामजद किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।
मजीठिया ने दावा किया कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पूर्व में करवाई गई जांच को गलत साबित करने के उद्देश्य से कथित रूप से फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई गई। उन्होंने कहा कि मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं और सच्चाई जल्द सार्वजनिक होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मजीठिया ने कुछ सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सएप चैट का भी हवाला दिया। उनका दावा था कि इन दस्तावेजों में कथित तौर पर एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका और भुगतान से संबंधित जानकारी दर्ज है। हालांकि इन दावों और दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्षों की ओर से भी इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मजीठिया ने हरियाणा सरकार, केंद्रीय जांच एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं या किसी प्रकार की साजिश रची गई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल गुरुग्राम पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। वहीं इस मामले ने पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसके चलते आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।


