कनाडा में सड़क हादसे में लुधियाना की 25 वर्षीय रमनदीप कौर की मौत, गांव में पसरा मातम


कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में लुधियाना के गांव गुड़े की 25 वर्षीय रमनदीप कौर मान की मौत हो गई। हादसे की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार और पैतृक गांव में शोक की लहर है। यह दुर्घटना 7 अगस्त को अल्बर्टा के सिजार क्षेत्र में हाईवे-41 और हाईवे-13 के चौराहे पर हुई। हादसा उस समय हुआ जब रमनदीप कौर एक महिला कैदी को मिनीवैन के जरिए स्थानांतरित कर रही थीं। जानकारी के अनुसार, रमनदीप की मिनीवैन की सीधी टक्कर एक हिनो बॉक्स ट्रक से हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रमनदीप कौर समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में रमनदीप के सहकर्मी 57 वर्षीय निकलास सरबन और 24 वर्षीय महिला कैदी किआरा मुसवा की भी जान चली गई। दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। रमनदीप कौर कनाडा की कारागार एवं सुधार सेवा में सुधारक अधिकारी के तौर पर कार्यरत थीं। वह अपनी ड्यूटी के दौरान महिला कैदी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा रही थीं। हादसे पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और कारागार एवं सुधार सेवा के आयुक्त तलाल दकालबब ने भी दुख व्यक्त किया है। वहीं, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। रमनदीप कौर की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव गुड़े पहुंची, परिवार में मातम छा गया। जिस बेटी की उपलब्धियों पर परिवार और गांव को गर्व था, उसकी अचानक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार और ग्रामीण अब रमनदीप की पार्थिव देह को जल्द से जल्द पंजाब लाने की मांग कर रहे हैं।
परिजनों की इच्छा है कि अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाए। रमनदीप की मौत ने विदेशों में रह रहे भारतीय युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। खासकर पंजाब से बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई और रोजगार के लिए कनाडा जाते हैं। संसद में दी गई भारत सरकार की जानकारी के मुताबिक, 2018 से 2025 के बीच कनाडा में 17 भारतीय छात्रों की हिंसक घटनाओं में मौत हुई। यह संख्या अन्य देशों की तुलना में अधिक बताई गई है। हाल के वर्षों में कनाडा में भारतीय युवाओं की मौत से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। इनमें गोलीबारी, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और अन्य हिंसक घटनाएं शामिल हैं, जिससे विदेश में रहने वाले भारतीय परिवारों की चिंताएं बढ़ी हैं। रमनदीप कौर का मामला हालांकि एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा है, लेकिन उनकी मौत ने एक बार फिर विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और आपात स्थिति में परिवारों को मिलने वाली सहायता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। वहीं, रमनदीप के परिवार और ग्रामीण उनकी पार्थिव देह के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। गांव में हर कोई इस होनहार बेटी को नम आंखों से याद कर रहा है।



