उत्तराखंड

सचिवालय में EFC की बैठक: मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने परखी ऋषिकेश के विकास कार्यों की प्रगति।

आगामी कुंभ मेले के भव्य आयोजन और ऋषिकेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (EFC) की समीक्षा बैठक में ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट, चंद्रभागा ब्रिज और आस्था पथ के सौंदर्यीकरण से जुड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई।

कुंभ के लिए ₹168.12 करोड़ का मेगा बजट

आगामी कुंभ मेले की जरूरतों को देखते हुए प्रशासन ने विकास कार्यों के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। प्रस्तावित व्यय का ब्योरा इस प्रकार है:

परियोजना का नाम प्रस्तावित लागत मुख्य उद्देश्य
त्रिवेणी घाट सौंदर्यीकरण ₹109.80 करोड़ घाट का विस्तार, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं।
आस्था पथ निर्माण ₹37.09 करोड़ गंगा किनारे पैदल मार्ग का सुदृढ़ीकरण और लैंडस्केपिंग।
चंद्रभागा ब्रिज निर्माण ₹21.23 करोड़ यातायात सुगमता और पुराने पुल के बोझ को कम करना।

मुख्य सचिव के कड़े निर्देश: “टाइमलाइन और गुणवत्ता पर नो कॉम्प्रोमाइज”

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग (कार्यकारी संस्था) को दोटूक शब्दों में हिदायत दी कि कार्य की गति और शुद्धता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने बैठक में तीन मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया:

  1. बिना डुप्लीकेसी के कार्य: यह सुनिश्चित किया जाए कि एक ही स्थान पर दो विभाग अलग-अलग योजनाओं में बजट व्यय न करें। योजनाओं में ओवरलैपिंग को पूरी तरह खत्म किया जाए।

  2. गुणवत्ता और समयबद्धता: सभी प्रोजेक्ट्स निर्धारित टाइमलाइन के भीतर पूरे हों ताकि कुंभ मेले से पहले ऋषिकेश पूरी तरह तैयार रहे।

  3. सिफारिशों का अनुपालन: जिलाधिकारी देहरादून, एसएसपी और मेला अधिकारी हरिद्वार की समिति द्वारा दी गई तकनीकी और सुरक्षा अनुशंसाओं को प्रोजेक्ट डिजाइन में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

प्रशासनिक समन्वय पर जोर

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम और सचिव एस. ए. अडांकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

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