प्रीति जिंटा ने बताया फिल्मों में वापसी के बाद क्या लगा सबसे बड़ा ‘कल्चरल शॉक’

सोशल मीडिया और पैपराजी कल्चर ने बॉलीवुड सितारों और उनके फैंस के बीच की दूरी काफी कम कर दी है। अब दर्शकों को अपने पसंदीदा सितारों की जिंदगी और प्रोफेशनल काम से जुड़ी लगभग हर अपडेट आसानी से मिल जाती है। हालांकि, इस बढ़ती पहुंच का दूसरा पहलू भी है, क्योंकि कई बार सेलेब्स को लगातार लोगों की नजरों में रहने का दबाव महसूस होता है। अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने भी मौजूदा दौर में एक्टर्स पर बढ़ते इसी दबाव को लेकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि आज के समय में कलाकारों के लिए सिर्फ फिल्मों में अच्छा काम करना ही पर्याप्त नहीं रह गया है, बल्कि उन्हें कैमरे के बाहर भी लगातार एक खास तरह की छवि बनाए रखनी पड़ती है। प्रीति के मुताबिक, पैपराजी कल्चर और सोशल मीडिया की बढ़ती दखल ने एक्टर्स की जिंदगी को पहले के मुकाबले काफी बदल दिया है। अब उनके कपड़ों से लेकर एयरपोर्ट लुक और सार्वजनिक तौर पर उनके व्यवहार तक पर लोगों की नजर रहती है। साल 2016 में शादी के बाद प्रीति जिंटा अपने परिवार के साथ अमेरिका में बस गई थीं। अब वह अपनी आने वाली स्पाई-कॉमेडी फिल्म ‘वाइब’ के प्रमोशन के लिए मुंबई में हैं। इसी दौरान उनसे फिल्मों में वापसी के बाद महसूस हुए सबसे बड़े ‘कल्चरल शॉक’ के बारे में सवाल किया गया। प्रीति ने बताया कि उनके लिए सबसे बड़ा बदलाव फिल्मों की दुनिया में नहीं, बल्कि फिल्मों के आसपास की चीजों में आया है। उन्होंने खास तौर पर पैपराजी और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को इसका हिस्सा बताया। अभिनेत्री ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि पहले कलाकारों का काम मुख्य रूप से फिल्म के सेट तक सीमित रहता था। उन्हें सेट पर जाना होता था, अपना काम करना होता था और फिर घर लौट जाना होता था। लेकिन अब परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं। प्रीति के मुताबिक, आज इस बात पर भी ध्यान दिया जाता है कि कोई अभिनेता किस तरह के कपड़े पहन रहा है और सार्वजनिक जगहों पर किस अंदाज में नजर आ रहा है।
उन्होंने ‘एयरपोर्ट लुक’ का उदाहरण देते हुए कहा कि अब कलाकारों का एयरपोर्ट पर दिखाई देना भी चर्चा का विषय बन जाता है। यहां तक कि अगर कोई कलाकार दुखी है तो उसे भी एक खास अंदाज में दिखने की उम्मीद की जाती है और खुश होने पर भी उसके लुक को लेकर चर्चा होती है। प्रीति ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के दौर में कलाकारों से देश और समाज में हो रही घटनाओं को लेकर भी जानकारी रखने की उम्मीद की जाती है। अगर देश में कोई महत्वपूर्ण घटना हो रही है तो उनसे उस पर प्रतिक्रिया देने की अपेक्षा की जाती है।उनके मुताबिक, किसी मुद्दे पर बोलते समय सही बात कहना भी एक तरह का दबाव बन गया है। ऐसे में कलाकारों के लिए आज काम का दायरा केवल फिल्म के सेट तक सीमित नहीं रह गया है। अभिनेत्री ने माना कि अब सितारों को अपने अभिनय के साथ-साथ अपनी सार्वजनिक छवि और सोशल मीडिया पर मौजूदगी को भी संभालना पड़ता है। उन्हें हर समय शानदार दिखने और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का दबाव रहता है। प्रीति जिंटा के इस बयान से यह भी सामने आता है कि सोशल मीडिया और पैपराजी ने जहां सितारों को अपने फैंस से सीधे जुड़ने का मौका दिया है, वहीं उनकी निजी और सार्वजनिक जिंदगी के बीच की सीमाएं भी पहले से ज्यादा कम हो गई हैं।
वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रीति जिंटा हाल ही में सनी देओल के साथ फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में नजर आई थीं। अब उनकी अगली फिल्म ‘वाइब’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। ‘वाइब’ एक स्पाई-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें प्रीति जिंटा एक दिलचस्प किरदार में नजर आएंगी। फिल्म में वह ‘मैडम एच’ नाम की एक जासूस का किरदार निभा रही हैं। कहानी में उनका किरदार एक बड़े मिशन के लिए दो अनाड़ी दोस्तों को अपने साथ जोड़ता है। वह दोनों को मिशन के लिए तैयार करने और ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी संभालती हैं। फिल्म में प्रीति जिंटा के साथ कुणाल खेमू भी नजर आएंगे। फिल्म का स्पाई और कॉमेडी का मिश्रण दर्शकों के लिए अलग तरह का मनोरंजन पेश करने की कोशिश करेगा। ‘वाइब’ 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। ऐसे में फिल्म की रिलीज से पहले प्रीति जिंटा का सोशल मीडिया और पैपराजी कल्चर पर दिया गया बयान भी चर्चा में है।




