उत्तराखंड कैबिनेट बैठक खत्म, 17 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई फैसलों को मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। बैठक में सरकार ने कुल 17 प्रस्तावों पर चर्चा की, जिनमें से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी। बैठक में ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा विभाग से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की अनुमति दी गई है। कारागार विभाग से जुड़े प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई। विभाग की सेवा नियमावली के तहत अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने को मंजूरी दी गई है। सरकार ने शासकीय अधिवक्ताओं की फीस और मानदेय से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय और शुल्क की दरों का पुनर्निर्धारण किया गया है।
खाद्य विभाग से जुड़े विधिक माप विज्ञान के सेवा नियमों में संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। सरकार का यह फैसला विभागीय सेवा व्यवस्था में बदलाव से जुड़ा हुआ है। मेडिकल शिक्षा से जुड़े प्रस्ताव में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। प्रदेश के पांच राजकीय कॉलेजों में मेडिकल इंटर्न छात्रों के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है। खेल विभाग से जुड़े प्रस्ताव के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक व्यायाम के 35 पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है। इन पदों को पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किए जाने का प्रावधान किया गया है। खेल नीति 2021 के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की दिशा में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके तहत विभिन्न विभागों में कुल 245 पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इन नियुक्तियों का लाभ विभिन्न विभागों में दिया जाएगा। इनमें युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत अन्य विभागों को शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और पदक विजेता खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। गढ़वाल मंडल विकास निगम यानी जीएमवीएन की पार्किंग से जुड़ी जमीन के संबंध में भी कैबिनेट ने फैसला लिया है। माधुरी जीएमवीएन की पार्किंग में करीब 972 गज जमीन गढ़वाल सभा को दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ESI से जुड़े प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लगी है। हरिद्वार में ESI अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत जमीन के निकट करीब 15 एकड़ भूमि ESI अस्पताल को दिए जाने का फैसला किया गया है।
कैबिनेट बैठक में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सभी मंत्री अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रमों में प्रभारी की भूमिका निभाएंगे। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को धार्मिक स्थलों पर दीप जलाने के कार्यक्रम के साथ की जाएगी। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जनसहभागिता से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इसके अलावा वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रमों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। सरकार ने अभियान में विभिन्न सामाजिक और अन्य संगठनों को भी जोड़ने की योजना बनाई है। बच्चों के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि उन्हें भी अभियान से जोड़ा जा सके।
जनता तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटकों का भी सहारा लिया जाएगा। इसके जरिए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। नवाचार और नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए एक अलग प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना भी कैबिनेट के फैसलों में शामिल है। इसके जरिए लोगों को नए सुझाव और नवाचार साझा करने का अवसर देने की तैयारी है। ‘विकसित भारत’ के संकल्प को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके तहत एक चौराहे पर ‘विकसित भारत का कलश’ स्थापित किए जाने की योजना है। कैबिनेट के इन फैसलों में शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य, प्रशासनिक व्यवस्था, कानूनी सेवाओं और जनसहभागिता से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल हैं। अब संबंधित विभाग इन फैसलों को लागू करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे।



