रोजी-रोटी के संकट से जूझ रहे लोक कलाकार, सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे

मुख्यमंत्री आवास की ओर किया कूच
उत्तराखंड के लोक कलाकार गुरुवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। लोक कलाकार संरक्षण संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कलाकारों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप प्रदर्शन कर रहे कलाकारों ने आरोप लगाया कि सरकार लंबे समय से उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उनका कहना है कि कई बार मांगें उठाने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
दो साल से भुगतान लंबित
कलाकारों के मुताबिक, पिछले करीब दो वर्षों से उनके विभिन्न कार्यक्रमों का भुगतान अटका हुआ है। भुगतान नहीं मिलने के कारण कई कलाकार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बार-बार मांग उठाने के बाद भी समाधान नहीं कलाकारों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभागों और अधिकारियों के सामने कई बार अपनी समस्याएं रखीं। इसके बावजूद भुगतान और अन्य मांगों को लेकर स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया।
2025 में भी दिया था सांकेतिक धरना
कलाकारों ने बताया कि 2 जून 2025 को संस्कृति मंत्री के सामने सांकेतिक धरना दिया गया था। उस दौरान कलाकारों की समस्याओं और मांगों को सरकार के सामने प्रमुखता से रखा गया था। CM धामी ने दिए थे समस्या हल करने के निर्देश कलाकारों के अनुसार, सांकेतिक धरने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश दिए थे। कलाकारों का दावा है कि इसके बावजूद कई मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं।
दुर्घटना बीमा और नियमित कार्यक्रम की मांग
कलाकारों की प्रमुख मांगों में दुर्घटना बीमा की सुविधा शामिल है। इसके अलावा कलाकारों को नियमित कार्यक्रम उपलब्ध कराने और उनके कार्यक्रमों का भुगतान सांस्कृतिक निदेशालय के माध्यम से करने की मांग भी की जा रही है।
मानदेय बढ़ाने की उठी मांग
लोक कलाकारों ने अपने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि मौजूदा मानदेय बढ़ती महंगाई और कलाकारों की मेहनत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। पेंशन और कल्याण कोष लागू करने की मांग कलाकार पेंशन और कलाकार कल्याण कोष जैसी सुविधाएं लागू करने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है। कलाकारों का कहना है कि लंबे समय तक लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने वाले कलाकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा जरूरी है।
छोटे कलाकारों को कार्यक्रम नहीं मिलने का आरोप
लोक कलाकार संरक्षण संघ ने आरोप लगाया कि छोटे और स्थानीय कलाकारों को पर्याप्त कार्यक्रम नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उनकी आमदनी प्रभावित हो रही है और कई कलाकारों के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। रोजी-रोटी पर खड़ा हुआ संकट कलाकारों का कहना है कि एक तरफ कार्यक्रमों का भुगतान लंबे समय से लंबित है और दूसरी तरफ नए कार्यक्रम भी पर्याप्त संख्या में नहीं मिल रहे। ऐसे में कई कलाकारों के सामने परिवार का खर्च चलाने तक का संकट पैदा हो गया है।
सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन कर रहे कलाकारों ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उन्होंने लंबित भुगतानों का जल्द निपटारा करने के साथ कलाकारों के लिए नियमित कार्यक्रम और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की। आंदोलन जारी रखने का संकेत कलाकारों का कहना है कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका है। ऐसे में सरकार को उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कलाकार आगे भी आंदोलन जारी रख सकते हैं।




