आगरा में बारिश के बाद बढ़ा डेंगू-मलेरिया का खतरा, 19 घरों में मिला डेंगू का लार्वा


आगरा:- बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव के चलते आगरा में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता नजर आ रहा है। इससे डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले में दो मरीजों में इन बीमारियों की पुष्टि हुई है। वहीं, घरों के सर्वे के दौरान 19 घरों में डेंगू का लार्वा मिलने के बाद विभाग ने उसे नष्ट कराया और एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया।
दो मरीजों में डेंगू और मलेरिया की पुष्टि
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि चर्च रोड निवासी 84 वर्षीय बुजुर्ग में डेंगू की पुष्टि हुई है। उन्हें लगातार बुखार था। उपचार के बाद अब उनकी हालत बेहतर बताई जा रही है। वहीं, औरैया से आगरा में अपने रिश्तेदार के यहां आए एक युवक में मलेरिया की पुष्टि हुई है। विभाग के अनुसार, जनवरी से अब तक जिले में डेंगू और मलेरिया के कुल 24 मरीज सामने आ चुके हैं।
19 घरों में मिला डेंगू का लार्वा
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे किया। इस दौरान 19 घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया। कई जगह कूलर की टंकियों और छतों पर पड़े कबाड़ में पानी जमा मिला, जहां मच्छरों के पनपने की संभावना थी। विभाग ने तत्काल लार्वा को नष्ट कराया और संबंधित स्थानों पर एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया। साथ ही लोगों को घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक किया गया।
पिछले साल मिले थे 128 डेंगू मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल आगरा में डेंगू के 128 मरीज सामने आए थे। इनमें सबसे ज्यादा मामले ग्रामीण क्षेत्र के शमशाबाद में 26 और शहर के नगला पदी क्षेत्र में छह मरीजों के मिले थे। इन इलाकों में एंटी-लार्वा का छिड़काव कई बार कराया गया था।
मच्छरों से बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मच्छरों की रोकथाम के लिए सावधानी बरतने की अपील की है।
- कूलर की टंकी को नियमित रूप से खाली करें। जरूरत होने पर ही उसमें पानी भरें।
- घर के गमलों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
- छत पर पड़े कबाड़ और ऐसी वस्तुओं को हटा दें, जिनमें बारिश का पानी जमा हो सकता है।
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छररोधी साधनों का इस्तेमाल करें।
- पानी को हमेशा ढककर रखें।
- जलभराव वाली जगहों पर विभागीय सलाह के अनुसार मच्छरों की रोकथाम के उपाय करें।




