आइस फैक्ट्री से अमोनिया गैस का रिसाव, मौके पर पहुंची पुलिस और फायर सर्विस; फैक्ट्री मालिक को फटकार

अलीगढ़:- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में गुरुवार, 31 जुलाई की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दुबे के पड़ाव स्थित मीनाक्षी पुल के नीचे संचालित गुप्ता आइस फैक्ट्री में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस की तेज और तीखी गंध आसपास के इलाके में फैलते ही लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों को सांस लेने में भी परेशानी महसूस हुई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस और फायर सर्विस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना गांधी पार्क पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं। फायर सर्विस की दो गाड़ियों को भी घटनास्थल पर भेजा गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू कर दी।
गैस की गंध फैलते ही मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि सुबह के समय फैक्ट्री से अचानक अमोनिया गैस का रिसाव होने लगा। कुछ ही देर में गैस की तेज गंध आसपास के क्षेत्र में फैल गई। गंध महसूस होने के बाद स्थानीय लोग घबरा गए और इलाके में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। अमोनिया गैस का रिसाव होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर सर्विस ने तत्काल मोर्चा संभाला। समय रहते टीम के पहुंचने से स्थिति को बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।
फायर सर्विस ने रिसाव पर पाया काबू
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, फायर सर्विस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सबसे पहले स्थिति का आकलन किया। इसके बाद आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ गैस के रिसाव को नियंत्रित किया गया। फायर टीम की तत्परता के कारण गैस के रिसाव को समय रहते काबू कर लिया गया और किसी बड़े हादसे की स्थिति पैदा नहीं हुई। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरती गई।
फैक्ट्री मालिक को लगाई फटकार
घटना के बाद अधिकारियों ने आइस फैक्ट्री के मालिक अभिषेक अग्रवाल को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ी फटकार लगाई। उन्हें भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी गई। अधिकारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन को सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता का माहौल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि गैस का रिसाव समय रहते नियंत्रित नहीं किया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कराई जाए, विशेषकर उन फैक्ट्रियों की जो आबादी वाले या रिहायशी इलाकों के आसपास संचालित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस रिसाव जैसी घटनाएं आसपास रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। ऐसे में फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपकरणों, गैस स्टोरेज सिस्टम और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच जरूरी है।
समय पर पहुंची टीम ने टाला बड़ा खतरा
फिलहाल अमोनिया गैस के रिसाव पर नियंत्रण पा लिया गया है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस और फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई के चलते एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर आबादी के बीच संचालित औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित निरीक्षण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से इस घटना के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।


