उत्तराखंड

लोकायुक्त नियुक्ति पर कांग्रेस के सवाल, भाजपा ने गिनाईं भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई

देहरादून:- उत्तराखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश में करीब 9 साल से लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली भाजपा सरकार की नीयत लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर साफ नहीं रही है। कांग्रेस ने दावा किया कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने सत्ता में आने के 100 दिन के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति करने का वादा किया था, लेकिन कई साल बीतने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं हुआ है।

कांग्रेस का आरोप- लोकायुक्त की नियुक्ति जानबूझकर रोकी गई

कांग्रेस प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह ने आरोप लगाया कि सरकार अपने मंत्रियों और करीबी अधिकारियों से जुड़े कथित घोटालों को सामने आने से रोकने के लिए लोकायुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया को लंबे समय से टाल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन प्रदेश में लोकायुक्त जैसा महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली है। कांग्रेस का कहना है कि इससे सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी दावों पर सवाल उठते हैं। राजेंद्र शाह ने यह भी कहा कि भाजपा ने 2017 में जनता से वादा किया था कि सरकार बनने के 100 दिन के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति की जाएगी। उनके मुताबिक, इतने लंबे समय बाद भी नियुक्ति नहीं होने से प्रदेश की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

लोकायुक्त का पद खाली, फिर कार्यालय पर करोड़ों खर्च क्यों?

कांग्रेस नेता ने लोकायुक्त संस्था के प्रशासनिक ढांचे और बजट को लेकर भी सरकार से सवाल किया। राजेंद्र शाह ने कहा कि जब लोकायुक्त का पद ही खाली है तो संस्था के कार्यालय और ढांचे पर हर साल दो से तीन करोड़ रुपये का सरकारी बजट खर्च क्यों किया जा रहा है। उन्होंने इसे जनता की मेहनत की कमाई की फिजूलखर्ची बताते हुए सरकार से खर्च का औचित्य स्पष्ट करने की मांग की।

हाईकोर्ट के रुख के बाद सर्च कमेटी बनाने का आरोप

राजेंद्र शाह ने दावा किया कि सरकार ने लोकायुक्त के चयन के लिए पांच सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन अपनी इच्छा से नहीं किया, बल्कि उत्तराखंड हाईकोर्ट के कड़े रुख और फटकार के बाद यह कदम उठाया गया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है तो लोकायुक्त की नियुक्ति में इतनी लंबी देरी क्यों हुई।

भाजपा का पलटवार- जो काम लोकायुक्त को करना है, वही CM धामी कर रहे

कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुंवर जपेंद्र सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने माना कि लोकायुक्त की नियुक्ति में विलंब हुआ है, लेकिन साथ ही कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई लोकायुक्त से अपेक्षित है, वह काम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार कर रही है। भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल में 250 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त के गठन और नियुक्ति की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसके लिए कमेटी का गठन हो चुका है और उचित व्यक्ति के चयन की प्रक्रिया चल रही है।

भाजपा बोली- भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सरकार ने खोल रखा है मोर्चा

कुंवर जपेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उनका कहना था कि सरकार की ओर से भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोकायुक्त के माध्यम से जिस तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी, उसी दिशा में मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है।

लोकायुक्त नियुक्ति पर अब सियासत और तेज होने के आसार

उत्तराखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। कांग्रेस जहां इसे भाजपा सरकार के पुराने चुनावी वादे से जोड़कर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा सरकार की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को इसका जवाब बताया जा रहा है। अब पांच सदस्यीय सर्च कमेटी के गठन के बाद लोकायुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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