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भारत-ईयू संबंधों के लिए अहम बेल्जियम, PM डी वेवर के दौरे से सहयोग बढ़ने की उम्मीद

भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह अहम बैठक नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में हुई। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत दौरे पर पहुंचे बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने इससे पहले राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गांधी समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर बार्ट डी वेवर 4 सितंबर तक भारत की यात्रा पर हैं। उनके इस दौरे को भारत और बेल्जियम के बीच संबंधों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फरवरी 2025 में बेल्जियम के प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह बार्ट डी वेवर की पहली भारत यात्रा है। खास बात यह है कि करीब दो दशकों के बाद बेल्जियम के किसी प्रधानमंत्री का भारत दौरा हो रहा है।

डी वेवर के साथ बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन समेत एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। प्रतिनिधिमंडल में बेल्जियम के सरकारी अधिकारियों के अलावा कारोबारी और रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि भी शामिल हैं। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ा है। मार्च 2025 में बेल्जियम की प्रिंसेस एस्ट्रिड के नेतृत्व में एक बड़ा आर्थिक मिशन भारत आया था। इस आर्थिक मिशन में बेल्जियम की कंपनियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, अकादमिक संस्थानों और सरकारी संगठनों से जुड़े 338 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच 38 समझौता ज्ञापनों यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन समझौतों ने व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के साथ दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को और मजबूत करने की जमीन तैयार की। अब प्रधानमंत्री डी वेवर की यात्रा को उसी बढ़ती साझेदारी को आगे ले जाने वाले महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा क्षेत्र भी इस दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक के दौरान फ्रैंकन ने भारत की तकनीकी क्षमताओं की सराहना की। उन्होंने भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बेल्जियम के रक्षा मंत्री के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे दोनों देशों के रक्षा औद्योगिक क्षेत्र के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने की संभावना बढ़ी है। भारत के लिए बेल्जियम यूरोप में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। बेल्जियम यूरोपीय संघ की संस्थाओं और कई महत्वपूर्ण यूरोपीय आर्थिक एवं राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र भी है। ऐसे में बेल्जियम के साथ मजबूत संबंध भारत के व्यापक भारत-ईयू संबंधों के लिए भी अहम हैं। प्रधानमंत्री डी वेवर की यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश के अलावा रक्षा उत्पादन, तकनीक, नवाचार और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच कारोबारी संबंधों को विस्तार देने के लिए बेल्जियम के बिजनेस लीडर्स और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी भी अहम है। इससे भारतीय और बेल्जियम कंपनियों के बीच संभावित साझेदारी के नए रास्ते खुल सकते हैं। भारत और बेल्जियम के रिश्ते केवल द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के संबंधों का असर भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापक रणनीतिक एवं आर्थिक साझेदारी पर भी पड़ता है।

प्रधानमंत्री डी वेवर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत यूरोप के साथ अपने व्यापार, निवेश और रणनीतिक संबंधों को लगातार मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दौरे के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों और चर्चाओं से दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। खासकर रक्षा और औद्योगिक सहयोग में इस यात्रा के परिणामों पर नजर रहेगी। कुल मिलाकर, बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा भरने वाले अहम दौरे के तौर पर देखा जा रहा है। यह यात्रा भारत-बेल्जियम संबंधों को मजबूत करने के साथ भारत-ईयू और व्यापक भारत-यूरोप साझेदारी को भी आगे बढ़ाने में भूमिका निभा सकती है।

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