अफजाल अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, शस्त्र लाइसेंस फाइल मामले में गिरफ्तारी पर रोक


प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को शस्त्र लाइसेंस की मूल फाइल गायब होने से जुड़े मामले में फिलहाल राहत मिल गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत में जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई तक किसी भी तरह की गिरफ्तारी की कार्रवाई पर रोक लगा दी।
22 जुलाई को दर्ज हुई थी एफआईआर
यह मामला गाजीपुर के कोतवाली थाने में 22 जुलाई 2026 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शस्त्र लाइसेंस की मूल पत्रावली को कथित रूप से गायब कराने में अफजाल अंसारी की भूमिका रही। आरोप यह भी है कि यह काम संबंधित शस्त्र लिपिक के साथ कथित मिलीभगत से किया गया। इन्हीं आरोपों को चुनौती देते हुए अफजाल अंसारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और एफआईआर निरस्त करने के साथ-साथ गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की।
दो शस्त्र लिपिक भी आरोपी
इस मामले में तत्कालीन शस्त्र लिपिक गौरीशंकर लाल और शस्त्र लिपिक द्वितीय सुग्रीव तिवारी को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

