सहसपुर में सड़क को लेकर सियासी घमासान, विधायक बोले- आरोप साबित हुए तो छोड़ दूंगा पद

सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। सड़क की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर के आवास पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के साथ यूकेडी नेता निरंजन चौहान भी मौजूद रहे। सड़क निर्माण में कथित देरी को लेकर विधायक और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। मामला उस समय और गरमा गया जब यूकेडी नेता की ओर से विधायक पर सड़क निर्माण को लेकर लापरवाही के आरोप लगाए गए। विधायक सहदेव पुंडीर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो वह इस्तीफा देने को तैयार हैं।
सड़क की मांग को लेकर विधायक आवास पहुंचे ग्रामीण
जानकारी के मुताबिक सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के सेलाकुई राजा रोड स्थित दिव्य कुंज गर्ल्स हॉस्टल के पास स्वास्तिक एन्क्लेव, शिवालिक एन्क्लेव और श्रीराम पुरम क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क के निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसी मांग को लेकर यूकेडी नेता निरंजन चौहान की अगुवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण विधायक सहदेव पुंडीर के आवास पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में सड़क की जरूरत लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क निर्माण में देरी को लेकर हुई तीखी बहस
विधायक आवास पर प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर विधायक से जवाब मांगा। इसी दौरान विधायक और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। यूकेडी नेता निरंजन चौहान ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण को लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ रहा है। वहीं विधायक सहदेव पुंडीर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनकी ओर से किसी सड़क की संस्तुति नहीं रोकी गई है। विधायक ने आरोपों को राजनीतिक बताते हुए कहा कि सड़क को लेकर उनकी ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
UKD नेता ने विधायक पर लगाए लापरवाही के आरोप
यूकेडी नेता निरंजन चौहान का आरोप है कि प्रस्तावित सड़क को लेकर लोक निर्माण विभाग यानी PWD की ओर से डीपीआर और लागत का अनुमान तैयार किया जा चुका है। इसके बावजूद सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि विधायक की संस्तुति नहीं मिलने के कारण सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। चौहान ने कहा कि स्थानीय लोग काफी समय से सड़क की मांग कर रहे हैं और जनप्रतिनिधि होने के नाते विधायक को इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
विधायक ने कहा- वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा पत्र
वहीं सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर ने यूकेडी नेता के आरोपों को सिरे से खारिज किया। विधायक ने कहा कि उन्होंने स्वयं प्रस्तावित सड़क के लिए वित्तीय स्वीकृति उपलब्ध कराने के संबंध में विभाग को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से वित्तीय स्वीकृति मिलते ही सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा। विधायक ने यह भी कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र काफी बड़ा है और क्षेत्र में कई छोटी-बड़ी सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। विधायक निधि के माध्यम से भी कई छोटी सड़कों पर काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सड़क का निर्माण भी उनकी प्राथमिकता में है और बजट उपलब्ध होते ही काम शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक बोले- मैं जनता का सेवक हूं
विधायक सहदेव पुंडीर ने कहा कि वह जनता के बीच रहकर काम करते हैं और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और स्वीकृति मिलने के बाद काम में देरी नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि उनकी विधानसभा में कई मार्गों के निर्माण और सुधार के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। बजट की उपलब्धता के अनुसार इन कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
आरोप सही साबित हुए तो इस्तीफा दे दूंगा: विधायक
धरने के दौरान बहस बढ़ने पर बीजेपी विधायक सहदेव पुंडीर ने यूकेडी नेता निरंजन चौहान के आरोपों को लेकर बड़ा बयान दिया। विधायक ने कहा कि यदि यूकेडी नेता की ओर से लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं और यह प्रमाणित होता है कि उन्होंने सड़क निर्माण की संस्तुति रोक रखी है, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। विधायक के इस बयान के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी माहौल को शांत कराने की कोशिश की। बाद में विधायक की ओर से सड़क निर्माण को लेकर दिए गए आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ और मामला शांत हो गया। अब इस पूरे विवाद के बीच स्थानीय लोगों की नजर शासन से सड़क निर्माण के लिए मिलने वाली वित्तीय स्वीकृति पर है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण का काम शुरू होता हुआ दिखाई देना चाहिए।




