बागेश्वर के जंगल में खौफनाक घटना, 50 से ज्यादा मवेशियों के साथ गई महिला की जान गई

बागेश्वर:- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की कांडा तहसील में गुलदार के हमले से एक 48 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना मंगलवार को बाझीरौट-खड़खेत गांव के जंगल में हुई, जहां महिला गांव की बारी व्यवस्था के तहत करीब 50 से अधिक मवेशियों को चराने गई थी। बताया जा रहा है कि घटना के समय क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी और घना कोहरा छाया हुआ था। इसी दौरान झाड़ियों की आड़ से गुलदार ने महिला पर अचानक हमला कर दिया। महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
19 परिवारों के मवेशी चराने जंगल गई थी महिला
मृतका की पहचान 48 वर्षीय कमला देवी पत्नी पूरन राम, निवासी बाझीरौट के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार गांव में बारी व्यवस्था के तहत अलग-अलग परिवारों की ओर से मवेशियों को जंगल में चराने ले जाया जाता है। मंगलवार को कमला देवी 19 परिवारों के करीब 50 से अधिक गाय, बैल और बकरियों को चराने के लिए जंगल गई थीं। उनके साथ उनके पति पूरन राम भी मौजूद थे। इसी दौरान अचानक कमला देवी की चीख सुनाई दी। पति पूरन राम और पास में बकरियां चरा रहे पंकज राम तुरंत घटनास्थल की ओर पहुंचे।
लहूलुहान हालत में मिली महिला, गुलदार को भागते देखने का दावा
मौके पर पहुंचने पर कमला देवी गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी मिलीं। उनके चेहरे और सिर पर चोटों के निशान थे। पति पूरन राम और पंकज राम ने दावा किया कि उन्होंने घटनास्थल से एक गुलदार को नीचे की ओर भागते हुए देखा। हालांकि, उस समय तेज बारिश और घना कोहरा होने के कारण गुलदार कुछ ही देर में नजरों से ओझल हो गया। प्रारंभिक तौर पर पुलिस और वन विभाग इसे गुलदार के हमले का मामला मान रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग मौके पर पहुंचा
घटना की जानकारी क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवान भंडारी ने पुलिस को दी। इसके बाद ग्राम प्रधान प्रकाश राम और थाना प्रभारी बलवंत कंबोज पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव में दहशत, गुलदार को पकड़ने की मांग
घटना के बाद बाझीरौट और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को जल्द पकड़ने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में मवेशी चराने जाने वाले लोगों के बीच अब डर का माहौल है। ऐसे में वन विभाग से गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है।
कमला देवी के परिवार में पति और चार बच्चे
कमला देवी अपने पीछे पति पूरन राम और चार बच्चों को छोड़ गई हैं। उनका बड़ा बेटा बबलू कुमार विवाहित है और अपने परिवार के साथ बाहर रहता है। उनकी दोनों बेटियों का विवाह हो चुका है। कमला देवी का 23 वर्षीय बेटा पुष्पेश कुमार अभी अविवाहित है। उनका मायका पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र के लोहाथल गांव में बताया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
थाना प्रभारी बलवंत कंबोज के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला गुलदार के हमले का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग की टीम घटनास्थल पर मौजूद है और हर पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।



