उत्तर प्रदेश

कांवड़ यात्रा पर हाईटेक सुरक्षा कवच, बरेली में बना कमांड सेंटर; AI और ड्रोन से 24 घंटे निगरानी


बरेली:-  कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए बरेली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बना दिया है। बरेली पुलिस लाइन में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तैयार किया गया है, जहां से बरेली जोन के सभी नौ जिलों में कांवड़ यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थानों की निगरानी की जाएगी। इस सेंटर में अलग-अलग जिलों का पुलिस स्टाफ तैनात रहेगा और कांवड़ मार्गों से लेकर घाटों, मंदिरों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक तकनीक और ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की जानकारी मिलने पर संबंधित जिले की पुलिस को तत्काल अलर्ट किया जा सकेगा।

नौ जिलों की गतिविधियों पर एक सेंटर से नजर

बरेली पुलिस लाइन में तैयार किए गए कमांड सेंटर को कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए केंद्रीय व्यवस्था के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। यहां बरेली जोन के सभी नौ जिलों से जुड़ा पुलिस स्टाफ मौजूद रहेगा। सेंटर के माध्यम से कांवड़ मार्ग, प्रमुख घाट, शिव मंदिर, भीड़भाड़ वाले चौराहे और संवेदनशील इलाकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में पुलिस रिस्पॉन्स टाइम को कम करने के लिए तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जाएगा। डीआईजी अजय कुमार साहनी के अनुसार, इस बार निगरानी व्यवस्था में AI आधारित तकनीक और ड्रोन को भी शामिल किया गया है।

सुरक्षा के लिए करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती

कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए बरेली रेंज को अलग-अलग सुरक्षा इकाइयों में बांटा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पूरे क्षेत्र को 8 सुपर जोन, 26 जोन, 82 सेक्टर और 220 सब सेक्टर में विभाजित किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था में कुल 14,969 पुलिसकर्मी लगाए जाएंगे। इनमें:

  • 14,392 नागरिक पुलिसकर्मी
  • 577 यातायात पुलिसकर्मी

शामिल हैं।

इसके अलावा 14.5 प्लाटून PAC, दो सेक्शन फ्लड PAC और दो SDRF टीमों को भी तैनात किया जाएगा। जलभराव या नदी-घाट से जुड़ी किसी आपात स्थिति में SDRF और फ्लड PAC की टीमें तत्काल राहत एवं बचाव कार्य में जुट सकेंगी।

16 ड्रोन और 94 पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम

कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ और मार्गों की निगरानी के लिए 16 ड्रोन लगाए जाएंगे। ड्रोन के जरिए भीड़ की स्थिति, कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी की जाएगी। इसके अलावा यात्रियों और कांवड़ियों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने के लिए 94 सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणालियां लगाई गई हैं। किसी मार्ग में बदलाव, यातायात संबंधी सूचना या आपात स्थिति में इनका इस्तेमाल किया जाएगा। यात्रा के दौरान मेडिकल इमरजेंसी को ध्यान में रखते हुए 51 एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी।

कांवड़ियों के लिए 205 जल सेवा और 144 शिविर

पुलिस और प्रशासन की ओर से कांवड़ियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रा मार्ग पर 205 जल सेवा केंद्र, 144 कांवड़ शिविर और 134 चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों के जरिए कांवड़ियों को पानी, आराम और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। महिला कांवड़ियों की सुविधा के लिए शिविरों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ अलग विश्राम कक्ष और शौचालय की व्यवस्था भी की गई है।

पहली बार कांवड़ियों को मिलेगा अनिवार्य पहचान पत्र

इस बार सुरक्षा व्यवस्था में एक अहम बदलाव किया गया है। डीआईजी के मुताबिक, सभी कांवड़ियों को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। पहचान पत्र पर संबंधित हल्का प्रभारी और थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर भी अंकित रहेगा। इससे किसी आपात स्थिति में कांवड़ियों या उनके परिजनों को संबंधित पुलिस अधिकारी से संपर्क करने में आसानी होगी। इसके अलावा प्रत्येक कांवड़ जत्थे के साथ एक नोडल दरोगा की तैनाती की जाएगी। यह अधिकारी जत्थे के साथ समन्वय बनाए रखने और किसी भी समस्या की स्थिति में पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कांवड़ की ऊंचाई और चौड़ाई भी निर्धारित

कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कांवड़ के आकार को लेकर भी नियम निर्धारित किए गए हैं। डीआईजी के मुताबिक, कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को प्रभावित होने से रोकना और बिजली तथा अन्य ढांचागत व्यवस्थाओं से जुड़े जोखिम को कम करना है।इसके साथ ही डीजे संचालकों को निर्धारित 75 डेसीबल ध्वनि सीमा का पालन करना होगा। पुलिस की ओर से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई है।

प्रमुख शिवालयों में बैरिकेडिंग और कतार व्यवस्था

कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख शिव मंदिरों में भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए वहां विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग कराई गई है और श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

DGP करेंगे कमांड सेंटर का शुभारंभ

एडीजी जोन रमित शर्मा के मुताबिक, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक बृहस्पतिवार को बरेली पहुंचेंगे। इस दौरान वह बरेली पुलिस लाइन में बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही पुलिस लाइन के बास्केटबॉल कोर्ट और संकल्प सभागार का भी उद्घाटन किया जाएगा। डीजीपी के सामने बरेली जोन के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिले की महत्वपूर्ण तैयारियों और कार्ययोजनाओं का प्रजेंटेशन भी देंगे। इसके लिए सभी जिलों की ओर से PPT तैयार की गई हैं और प्रत्येक जिले को प्रस्तुति के लिए करीब पांच मिनट का समय दिया जाएगा।

SP दक्षिणी करेंगी कमांड सेंटर की मॉनिटरिंग

कमांड सेंटर की निगरानी की जिम्मेदारी एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा को दी गई है। सेंटर से मिलने वाली सूचनाओं और विभिन्न जिलों से आने वाले इनपुट पर नजर रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाईटेक निगरानी, ड्रोन, AI और अलग-अलग स्तर पर तैनात पुलिस बल के जरिए कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर, इस बार बरेली जोन में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक और बड़े पुलिस बल के साथ मजबूत किया गया है। अब कमांड सेंटर से लेकर सड़क और घाट तक पुलिस की नजर रहेगी, ताकि यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ कांवड़ियों की सुविधा भी सुनिश्चित की जा सके।




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