उत्तराखंड

दीपक कुमार बने UTU के अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक, पेपर लीक के बाद बढ़ी जिम्मेदारी

देहरादून:- उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) में सामने आए चर्चित पेपर लीक प्रकरण के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार परीक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटा है। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा नियंत्रक के अतिरिक्त प्रभार में बदलाव करते हुए दीपक कुमार को नई जिम्मेदारी सौंप दी है। इससे पहले यह अतिरिक्त दायित्व वीके पटेल निभा रहे थे। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उन्होंने यह प्रभार छोड़ दिया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब विश्वविद्यालय पहले से ही परीक्षा प्रणाली, गोपनीयता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। ऐसे में नए अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक के सामने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी।

एक महीने का कार्यकाल पूरा होने के बाद बदला प्रभार

विश्वविद्यालय के नियमित परीक्षा नियंत्रक के अवकाश पर जाने के बाद प्रशासन ने वीके पटेल को अस्थायी रूप से परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। यह जिम्मेदारी केवल एक महीने के लिए निर्धारित की गई थी। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद वीके पटेल ने अतिरिक्त प्रभार छोड़ दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त दायित्व दीपक कुमार को सौंपने का निर्णय लिया।

दीपक कुमार संभालेंगे परीक्षा व्यवस्था की कमान

नए अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक के रूप में दीपक कुमार अब विश्वविद्यालय की संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। उनकी जिम्मेदारी केवल परीक्षाओं का संचालन ही नहीं होगी, बल्कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित वितरण, मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को भी सुचारु रूप से संचालित करना होगा। पेपर लीक मामले के बाद विश्वविद्यालय की साख पर उठे सवालों के बीच यह जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पेपर लीक मामले ने हिलाई थी विश्वविद्यालय की व्यवस्था

हाल ही में UTU में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की थी। जांच में विश्वविद्यालय से जुड़े एक प्रोफेसर पर प्रश्नपत्र लीक करने के गंभीर आरोप सामने आए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी आरोपी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे भविष्य में परीक्षा संबंधी सभी कार्यों से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया।

परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

पेपर लीक की घटना के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर सुरक्षित रखरखाव और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बेहद आवश्यक होती है। इस घटना ने विश्वविद्यालय की आंतरिक व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर भी बहस छेड़ दी है।

विश्वविद्यालय के सामने भरोसा बहाल करने की चुनौती

पेपर लीक प्रकरण के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों और अभिभावकों का विश्वास दोबारा कायम करना है। परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना अब प्रशासन की प्राथमिकता माना जा रहा है। दीपक कुमार के अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक बनने के बाद उम्मीद की जा रही है कि परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित तथा सुरक्षित बनाया जाएगा।

वीके पटेल ने क्या कहा?

पूर्व अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक वीके पटेल ने स्पष्ट किया कि उनका अतिरिक्त कार्यकाल निर्धारित अवधि के अनुसार समाप्त हो गया है।

उन्होंने कहा,

“मैं अपने मूल पद पर कार्य कर रहा हूं। अब परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार दीपक कुमार को सौंप दिया गया है।”

इस बयान से स्पष्ट हो गया है कि यह बदलाव प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद किया गया है।

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