उत्तराखंड

उत्तरकाशी: एक साल बाद भी अधूरा मोटर पुल, जान जोखिम में डालकर रास्ता पार कर रहे ग्रामीण

उत्तरकाशी: जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बोल्डर गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। वहीं, अधूरे निर्माण कार्यों ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मनेरा बाईपास पर भारी मलबा और बोल्डर गिरने से एक कार खाई में जा गिरी, जबकि नौगांव क्षेत्र में निर्माणाधीन मोटर पुल करीब एक साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इसके चलते ग्रामीणों को जोखिम भरे रास्तों से आवाजाही करनी पड़ रही है।

मनेरा बाईपास पर अचानक गिरा मलबा और बोल्डर

मनेरा बाईपास पर पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मंगलवार को अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबे के साथ बड़े-बड़े बोल्डर सड़क की तरफ आ गिरे। स्थिति को भांपते हुए कार में मौजूद व्यक्ति ने समय रहते वाहन छोड़ दिया और सुरक्षित स्थान की ओर चला गया। इसके कुछ देर बाद तेज मलबे की चपेट में आने से कार अनियंत्रित हुई और सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार व्यक्ति घटना से पहले ही कार से बाहर निकल चुका था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

हादसे का वीडियो आया सामने

घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पहाड़ी से अचानक मलबा और बड़े पत्थर नीचे गिरते नजर आ रहे हैं। देखते ही देखते मलबा सड़क तक पहुंच जाता है और वहां खड़ी कार इसकी चपेट में आकर खाई में गिर जाती है। हादसे के बाद मनेरा बाईपास से गुजरने वाले लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय निवासी विष्णुपाल रावत ने बताया कि बारिश के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद वाहनों की आवाजाही जारी है। स्थानीय लोगों ने संवेदनशील हिस्सों का निरीक्षण कराने, जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने और खतरे वाले स्थानों पर यातायात को नियंत्रित करने की मांग की है।

एक साल बाद भी अधूरा है मोटर पुल

दूसरी ओर, यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के नौगांव विकासखंड में कुपड़ा-कुंशाला-त्रिखीली मोटर मार्ग पर गड़गाड़ में निर्माणाधीन मोटर पुल भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक पुल का निर्माण शुरू हुए करीब एक साल हो चुका है, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ है। पुल के साथ सड़क की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों को वैकल्पिक और अस्थायी रास्तों से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।

स्कूली बच्चों और मरीजों को भी परेशानी

स्थानीय निवासी महावीर पंवार माही का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। उनके अनुसार संबंधित विधायक और मुख्यमंत्री भी मौके का निरीक्षण कर चुके हैं। निरीक्षण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पुल और सड़क का काम जल्द पूरा हो जाएगा, लेकिन करीब एक साल बाद भी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। पुल अधूरा होने के कारण ग्रामीणों के अलावा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जल्द काम पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से मोटर पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने और खराब सड़क मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में पहले ही भूस्खलन और मलबे के कारण रास्ते असुरक्षित हैं, ऐसे में अधूरा पुल और बदहाल सड़क उनकी परेशानी को और बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब लोगों की नजर प्रशासन की ओर है कि संवेदनशील सड़क मार्ग और अधूरे पुल को लेकर जल्द क्या कदम उठाए जाते हैं।

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