पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का तरुण चुघ ने किया स्वागत


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के उद्देश्य से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन लाखों छात्रों के हित में है जो वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की उम्मीद रखते हैं। तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी। उनके अनुसार, पेपर लीक माफिया, शिक्षा में भ्रष्टाचार फैलाने वाले गिरोह और उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ तेज कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई बड़े सुधार किए हैं। वर्ष 2017 में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की स्थापना, 2024 में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) कानून लागू करना तथा विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। चुघ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में सार्थक चर्चा से बचने की कोशिश कर रहा है और छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन दलों के शासनकाल में कई परीक्षा घोटाले सामने आए, वही आज युवाओं के हितों की बात कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान राष्ट्रीय और राज्य स्तर की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई थीं। उनके अनुसार, विभिन्न राज्यों में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े घोटालों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया और लंबे समय तक प्रभावी कानूनी व्यवस्था का अभाव बना रहा। तरुण चुघ ने कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना है। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई से छात्रों का विश्वास मजबूत होगा तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।



