पंजाब की लंबित रेल परियोजनाओं पर केंद्र सख्त, CM मान को बिट्टू का पत्र


केंद्र सरकार ने पंजाब में लंबे समय से लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र लिखकर इन परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, वन एवं वन्यजीव मंजूरी, प्रशासनिक स्वीकृतियों और अन्य सरकारी अनुमतियों में देरी के कारण कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। पत्र में कहा गया है कि इन परियोजनाओं में हो रही देरी का असर केवल रेल नेटवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था, उद्योग, व्यापार, माल परिवहन और क्षेत्रीय संपर्क भी प्रभावित हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि संबंधित विभागों को निर्देश देकर सभी लंबित मामलों का जल्द समाधान कराया जाए, ताकि परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो सके। फिरोजपुर-पट्टी नई रेल लाइन परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण पूरा होने और मुआवजे की राशि जारी किए जाने के बावजूद अब तक भूमि रेलवे को हस्तांतरित नहीं की गई है। इसी तरह राजपुरा-मोहाली रेल लाइन परियोजना भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां रेल लाइन परियोजना वन एवं वन्यजीव संबंधी मंजूरियों के अभाव में अटकी हुई है, जबकि रमन मंडी-सद्दा सिंघवाला रेल लाइन परियोजना में भूमि अधिग्रहण पूरा न होने से कार्य शुरू नहीं हो सका है। इन परियोजनाओं को पंजाब की रेल कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा लुधियाना, फाजिल्का, संगरूर, होशियारपुर, मोहाली, बठिंडा, जालंधर और पठानकोट सहित कई जिलों में रोड ओवर ब्रिज (ROB) और लिमिटेड हाइट सब-वे (LHS) परियोजनाएं भी विभिन्न मंजूरियों के इंतजार में रुकी हुई हैं। केंद्र सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, माल ढुलाई तेज होगी और राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।




