ऋषिकेश रूट पर राहुल गांधी का काफिला रुका, पर्यावरण आंदोलनकारियों ने सुनाई अपनी परेशानी

उत्तराखंड दौरे के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पर्यावरण से जुड़े एक मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से मुलाकात की। देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से लौटते समय एयरपोर्ट-ऋषिकेश मार्ग पर उनका काफिला कुछ देर के लिए रुका। यहां सात मोड़ क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पेड़ों की कटाई के विरोध में धरना दे रहे पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं।
आंदोलनकारियों ने राहुल गांधी को बताई अपनी परेशानी
जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट-ऋषिकेश मार्ग के चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध किया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान आंदोलनकारियों ने अपनी चिंताएं साझा कीं और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी अपनी परेशानियों के बारे में बताया।
सामाजिक कार्यकर्ता शालू भाटिया हुईं भावुक
मुलाकात के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता शालू भाटिया भावुक हो गईं। उन्होंने राहुल गांधी के सामने प्रदर्शन से जुड़ी समस्याएं रखीं और कहा कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा रही है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा।
राहुल गांधी ने दिया सहयोग का भरोसा
राहुल गांधी ने आंदोलनकारियों की पूरी बात सुनी और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे इस विषय को उचित मंच पर उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को भी आंदोलनकारियों के संपर्क में रहने और उनकी समस्याओं को समझने के निर्देश दिए।
पेड़ों की कटाई को लेकर चल रहा है विरोध
एयरपोर्ट-ऋषिकेश मार्ग के चौड़ीकरण से जुड़े कार्यों के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है। इसी को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरणीय संतुलन और हरित क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जाए।
पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन की मांग
इस पूरे मामले में पर्यावरण संरक्षण और सड़क विकास परियोजना के बीच संतुलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि पेड़ों को बचाने के लिए उचित समाधान तलाशा जाना चाहिए, जबकि विकास परियोजनाओं को भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। राहुल गांधी की इस मुलाकात के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा में आ गया है।




