पंजाब सरकार का बैंकों को अल्टीमेटम: 31 मार्च तक पेंशनर सेवा पोर्टल के सभी लंबित मामले निपटाएं, नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़, 26 फरवरी 2026: पंजाब सरकार ने पेंशनरों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब भवन में विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और पेंशनर सेवा पोर्टल (PSP) पर लंबित मामलों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 मार्च 2026 तक पोर्टल से जुड़े सभी लंबित मामलों का निपटारा हर हाल में किया जाए, अन्यथा संबंधित बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि पहले भी बैंकों ने समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे पंजाब सरकार ने स्वीकार कर उन्हें अतिरिक्त समय दिया था। लेकिन इसके बावजूद कई प्रमुख बैंकों में बड़ी संख्या में मामले अभी भी लंबित हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पेंशनरों को प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि 15 मार्च 2026 को एक और समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें बैंकों की प्रगति का आकलन किया जाएगा। यदि कोई बैंक निर्धारित समय तक लंबित मामलों का समाधान नहीं करता है तो उसके खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि 31 अक्टूबर 2025 को पंजाब सरकार ने निर्देश जारी किए थे कि सभी पेंशनरों के लिए केवल जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan Patra – JPP) के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ही स्वीकार किए जाएंगे। हालांकि कई बैंक अभी तक इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने बैंकों को एक मानक संदेश और पत्र का प्रारूप उपलब्ध कराया है, जिसे बैंकों को अपने ग्राहकों तक पहुंचाना होगा ताकि सभी पेंशनरों को JPP और e-KYC प्रक्रिया की जानकारी समय पर मिल सके। इससे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
वित्त मंत्री ने राज्य सरकार की डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत बुजुर्ग पेंशनरों के घर जाकर जीवन प्रमाण पत्र और e-KYC की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ते साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए कई वरिष्ठ नागरिक बैंक शाखा जाकर प्रक्रिया पूरी करना अधिक सुरक्षित मानते हैं, इसलिए सभी बैंक शाखाओं को पूरी तैयारी के साथ काम करना होगा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) आलोक शेखर ने भी बैंकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बैंक समय पर सही e-scrolls अपलोड करें और जिला कोषागार अधिकारियों द्वारा चिन्हित की गई त्रुटियों को तुरंत दूर करें। इसके अलावा लंबित PPO PDF, प्रोविजनल पेंशनरों की स्वीकृति, 31 अक्टूबर 2025 से पहले जमा किए गए मैनुअल लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड करने तथा बैंकिंग सॉफ्टवेयर को पेंशनर सेवा पोर्टल से शीघ्र जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में एनआरआई पेंशनरों के मामलों पर भी चर्चा हुई। बैंकों को निर्देश दिए गए कि वे पोर्टल पर एनआरआई पेंशनरों का सही रिकॉर्ड अपडेट करें, उनके नोटरीकृत लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड करें और लंबित जीवन प्रमाण पत्र संबंधी सभी आवेदनों का जल्द निपटारा करें।
बैठक के अंत में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पेंशनरों की सुविधा और आर्थिक सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी पात्र पेंशनर का आवेदन अनावश्यक रूप से अस्वीकार न हो और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सरल बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के प्रत्येक पेंशनर को बिना किसी परेशानी के समय पर पेंशन और सभी संबंधित सेवाओं का लाभ मिल सके।




