चित्रकूट में डोडा बांध का हिस्सा टूटा, गांवों में घुसा पानी; कई मकान ढहे, बरदहा नदी उफान पर


चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में लगातार हो रही बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मानिकपुर तहसील क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 7 बजे डोडा बांध का एक हिस्सा टूट गया, जिसके बाद बांध से निकला पानी तेजी से आसपास के गांवों में पहुंचने लगा। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। वहीं, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से होकर बहने वाली बरदहा नदी भी उफान पर है। नदी में तेज बहाव के कारण फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सका है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
डोडा, छेरिहा और कल्याणपुर में बिगड़े हालात
डोडा बांध के आसपास स्थित डोडा, छेरिहा, जारोमाफी और कल्याणपुर गांव बारिश और बांध से छोड़े गए पानी से प्रभावित हुए हैं। छेरिहा गांव में पानी भरने के कारण करीब आधा दर्जन मकानों के ढहने की जानकारी सामने आई है। इससे कई परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, कल्याणपुर के ग्रामीणों के अनुसार घरों के अंदर करीब दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। पानी घुसने से घरों में रखा राशन, अनाज, कपड़े और अन्य घरेलू सामान भीगकर खराब हो गया। लगातार बारिश और जलभराव के चलते ग्रामीणों के सामने भोजन की समस्या भी पैदा हो गई है।
बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ा, कई गांवों में अलर्ट
लगातार बारिश और डोडा बांध का हिस्सा टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी नदी की ओर पहुंचा है। इससे बरदहा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और नदी उफान पर आ गई। बताया जा रहा है कि गिदुरहा, रानीपुर और चमरौहां गांवों की ओर भी नदी का पानी पहुंचने लगा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि अगले कुछ घंटों तक जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो इन गांवों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
तेज बहाव के कारण रेस्क्यू में परेशानी
बाढ़ जैसे हालात के बीच कई सड़कों और रपटों के ऊपर पानी बह रहा है। इसके चलते आवागमन प्रभावित हुआ है और पुलिस तथा एंबुलेंस सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी के तेज बहाव को देखते हुए फिलहाल रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं किया जा सका है। मारकुंडी थाना और हल्दी डांडी चौकी की पुलिस मौके पर तैनात है। पुलिस ग्रामीणों को तेज बहाव वाले रास्तों से गुजरने और गहरे पानी में जाने से रोक रही है।
क्षमता से अधिक पानी भरने के बाद टूटा बांध का हिस्सा
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शशिकांत प्रसाद ने बताया कि लगातार बारिश के चलते डोडा बांध में उसकी क्षमता से अधिक पानी भर गया था। पानी बढ़ने के बाद बांध ओवरफ्लो हुआ और इसी दौरान उसका कुछ हिस्सा टूट गया। प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



