पंजाब

पंजाब में ‘खेल क्रांति’ का बड़ा ऐलान: पहली बार होगी हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, 40 साल बाद नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी

पंजाब सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए राज्य को अंतरराष्ट्रीय खेलों का नया केंद्र बनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को “शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल” अभियान के तहत खेल विभाग की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बताया कि पंजाब पहली बार हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा। इसके साथ ही करीब 40 वर्षों बाद राष्ट्रीय अंडर-13 बैडमिंटन चैंपियनशिप भी पंजाब में आयोजित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की ‘खेल क्रांति (Khed Kranti)’ ने राज्य में खेल संस्कृति को नई दिशा दी है। खेल बजट को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,791 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन अक्टूबर-नवंबर 2026 में होगा, जिसमें भारत सहित एशिया की छह शीर्ष टीमें हिस्सा लेंगी। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के मुकाबले मोहाली और जालंधर के विश्वस्तरीय हॉकी स्टेडियमों में खेले जाएंगे। इसके अलावा एशियन हॉकी फेडरेशन ने पंजाब में हर वर्ष फोर नेशन हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने का भी प्रस्ताव दिया है, जिससे राज्य को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था कि हॉकी में सबसे अधिक योगदान देने वाले पंजाब को पहले कभी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर नहीं मिला। लेकिन अब उनकी सरकार ने यह स्थिति बदल दी है और पंजाब को देश का प्रमुख स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार खिलाड़ियों को हर संभव आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। ओलंपिक की तैयारी करने वाले खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये और एशियन गेम्स की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। इतना ही नहीं, पैरालंपिक और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देने का निर्णय भी लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यभर में ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ अभियान के तहत अब तक 3,100 खेल मैदान, 3,000 आधुनिक जिम विकसित किए जा रहे हैं तथा खिलाड़ियों को 17 हजार स्पोर्ट्स किट वितरित की जा रही हैं। इस अभियान में खिलाड़ियों की भागीदारी भी लगातार बढ़ी है। जहां पहले लगभग 1.5 लाख खिलाड़ी हिस्सा लेते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 5 लाख तक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा से महान खिलाड़ियों की जन्मभूमि रही है। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, क्रिकेटर शुभमन गिल, महिला क्रिकेट कप्तान हरमनप्रीत कौर, फुटबॉलर गुरप्रीत सिंह संधू, क्रिकेटर अर्शदीप सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे कई खिलाड़ी पंजाब की पहचान बन चुके हैं और देश का नाम दुनिया भर में रोशन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और हॉकी का रिश्ता सदियों पुराना है। राज्य के 50 से अधिक खिलाड़ी ओलंपिक में पदक जीत चुके हैं और कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी भी की है। उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक 2021 और पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय हॉकी टीम की सफलता में पंजाब के खिलाड़ियों की सबसे बड़ी भूमिका रही।

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने खेलों की अनदेखी कर पंजाब की खेल संस्कृति को नुकसान पहुंचाया था, लेकिन उनकी सरकार खेलों को दोबारा नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में पंजाब देश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स हब बनकर उभरेगा और यहां से विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार होंगे।

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