पाकिस्तान प्रायोजित खतरों से निपटने के लिए पंजाब पुलिस तैयार, 2,577 नए जवान हुए शामिल: CM भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को जालंधर में आयोजित पंजाब पुलिस पासिंग आउट परेड में कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस सिर्फ राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है। जालंधर के PAP ग्राउंड में आयोजित समारोह के दौरान 2,577 नए पुलिसकर्मी पंजाब पुलिस में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस करने पर लगातार काम कर रही है। भगवंत मान ने बताया कि मार्च 2022 से अब तक पंजाब सरकार ने पुलिस विभाग में 12,010 से ज्यादा भर्तियां की हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 1,100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे पुलिस को वैज्ञानिक और आधुनिक संसाधनों से मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस अब AI तकनीक, साइबर एक्सपर्ट यूनिट, फॉरेंसिक टीम और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के जरिए आतंकवाद, साइबर अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों और नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने बताया कि नई भर्तियों में तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। इनमें B.Tech, M.Tech और लॉ जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त युवा भी शामिल हैं, जो पुलिस की तकनीकी क्षमता को बढ़ाने में मदद करेंगे। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) को आधुनिक वाहनों और उपकरणों से लैस किया गया है, जिससे हादसों में घायल लोगों को तुरंत मदद मिल रही है।
नशे के खिलाफ अभियान पर बोलते हुए भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया है। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां की गई हैं और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस ने हमेशा राज्य की शांति और देश की एकता-अखंडता की रक्षा के लिए अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से आने वाली चुनौतियों और असामाजिक तत्वों के मंसूबों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने नए पुलिसकर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पंजाब पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करना भी है।



