पंजाब यूनिवर्सिटी में सुरक्षा को लेकर फूटा छात्रों का गुस्सा, एबीवीपी का जोरदार प्रदर्शन

चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) परिसर में लगातार सामने आ रही चोरी, हिंसा और असुरक्षा की घटनाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्र संगठन ने प्रशासनिक ब्लॉक के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस पर छात्रों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रार, मुख्य विश्वविद्यालय सुरक्षा अधिकारी और चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई।
छात्रों में बढ़ रहा असुरक्षा का माहौल
एबीवीपी का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में लगातार हो रही चोरी, मारपीट, हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं ने छात्रों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां होने के बावजूद प्रशासन इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने में विफल रहा है। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि छात्र-छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मी अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
आशीष शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे मुख्य रूप से प्रवेश और निकास द्वारों तक ही सीमित हैं। जबकि अधिकांश शैक्षणिक विभागों, छात्र गतिविधि क्षेत्रों और पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त निगरानी की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार वाहनों की चोरी, तोड़फोड़ और अन्य आपराधिक घटनाओं के बावजूद प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
एबीवीपी ने विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रात्रि के समय कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। संगठन का कहना है कि छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल
छात्र संगठन ने हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर चंडीगढ़ पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। एबीवीपी का आरोप है कि कई मामलों में कार्रवाई धीमी रही, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़े हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा छात्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
एबीवीपी की प्रमुख मांगें
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं—
- सभी विश्वविद्यालय विभागों और पार्किंग क्षेत्रों के बाहर तत्काल सीसीटीवी कैमरों की स्थापना।
- कैंपस में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाकर नियमित और सक्रिय गश्त सुनिश्चित की जाए।
- छात्राओं के लिए रात्रिकालीन विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
- चोरी, हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए।
- विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर उसे और प्रभावी बनाया जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एबीवीपी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम नहीं उठाता है तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। उनका कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर व्यापक जनआंदोलन भी चलाया जाएगा।

