कांग्रेस ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान Resignation से छात्रों की जीत, अब उत्तराखंड सरकार की बारी

देहरादून: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष की बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि यह आंदोलन की जीत है। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि देशभर में छात्रों द्वारा उठाई गई आवाज आखिरकार असरदार साबित हुई। हरक सिंह रावत ने कहा कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में युवाओं और छात्र संगठनों ने लगातार प्रदर्शन किए। जंतर-मंतर से लेकर विभिन्न राज्यों तक आंदोलन चलाए गए, जिनका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना था।
उन्होंने कहा कि इसी क्रम में उत्तराखंड कांग्रेस ने भी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) में कथित पेपर लीक मामले को लेकर देहरादून में प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई थी और परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया था।
हरक सिंह रावत ने दावा किया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वहीं छात्र संगठनों और युवाओं ने भी लगातार आंदोलन जारी रखा। उनके अनुसार, इन प्रयासों के बाद आया यह फैसला छात्रों के संघर्ष और विपक्ष की आवाज का परिणाम है। कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद अब उत्तराखंड सरकार को भी नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उनका कहना है कि उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पेपर लीक प्रकरण की जवाबदेही तय करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को भी इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी और जब तक पेपर लीक मामलों में जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कांग्रेस का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
कांग्रेस नेता- उन्होंने कहा कि, जिस तरह केंद्र में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर किया गया है, इस तरह उत्तराखंड में भी यहां के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए. कांग्रेस पार्टी का कह रही है कि, इस लड़ाई को तब तक लड़ा जाएगा, जब तक उत्तराखंड में धन सिंह रावत का इस्तीफा मंजूर नहीं किया जाता है।



